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Court News: आपराधिक रिकॉर्ड छिपाने पर कर्मचारी को नौकरी से निकालने का आदेश बिना सोचे-समझे नहीं होना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि आपराधिक रिकॉर्ड का खुलासा न करने पर किसी कर्मचारी को नौकरी से निकालने का आदेश यांत्रिक (बिना सोचे-समझे) नहीं होना चाहिए, और नियोक्ता को जानकारी छिपाने की प्रकृति, अपराध के प्रकार एवं नौकरी की प्रकृति पर विचार करने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाना चाहिए।

कहा, कोई भी फैसला लेने से पहले नियोक्ता को इस पर अच्छी तरह सोच-विचार करना चाहिए
न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एजी मसीह की पीठ ने कहा कि आपराधिक पृष्ठभूमि का पता चलने पर नौकरी से निकालना अपने आप होने वाली कार्रवाई नहीं है बल्कि, कर्मचारी के मामले पर खास तौर पर विचार किया जाना चाहिए और कोई भी फैसला लेने से पहले नियोक्ता को इस पर अच्छी तरह सोच-विचार करना चाहिए। (भाषा)

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