Greater Noida: जिम्स में हड़ताल कर रहे कर्मियों पर मुकदमा, कर्मचारियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया; पुलिस ने कहा-आरोप निराधार

Greater Noida News: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर में ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में हड़ताल कर रहे संविदा कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, अधिकारी ने बताया कि जिम्स के निदेशक की शिकायत पर थाना कासना में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन से अस्पताल की सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
पुलिस ने कही ये बात
पुलिस के अनुसार, राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा दिनांक 15 जून से सेवाओं के नियमितीकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। संस्थान, जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा कई दौर की वार्ता एवं मांगों के समाधान का आश्वासन दिए जाने के बावजूद कर्मचारी धरने पर अड़े रहे जिससे दिन-प्रतिदिन आने वाले मरीजों को अत्यंत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था और चिकित्सा सेवाएं बाधित हो रही थी। दिनांक 24 जून को पुलिस व प्रशासन द्वारा लगातार इनसे अनुरोध किया जा रहा था कि आप सभी अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार व हॉल से अन्यंत्र स्थानांतरित होकर अपना धरना प्रदर्शन कर सकते हैं किंतु इन सभी के द्वारा हठधर्मिता अपनाते हुए स्थान परिवर्तन करने के अनुरोध को अस्वीकार करते कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा उग्र होकर हंगामा करना प्रारंभ कर दिया। प्रदर्शनकारियों द्वारा बाहरी अराजक तत्वों एवं विभिन्न संगठनों से जुड़े व्यक्तियों को भी धरना स्थल पर बुलाया गया, जिन्होंने धमकी दी, अभद्र व्यवहार किया तथा गेट तोड़ने का प्रयास किया।

कहा, मारपीट व लाठीचार्ज के लगाए गए आरोप निराधार
उल्लेखनीय है कि इस प्रकार की अशांति व हंगामा अस्पताल के मुख्य भवन के अंदर इनके द्वारा की जा रही थी। चिकित्सा सेवाएं अनवरत जारी रहे, इस उद्देश्य से पुलिस द्वारा इनसे पुनः अस्पताल के अंदर ही दूसरे स्थान पर स्थानांतरित होने का अनुरोध किया गया, जिस पर कुछ कर्मी तैयार होकर जाने लगे किंतु कुछ कर्मियो तथा अन्य व्यक्तियों द्वारा खींचातानी, धक्का मुक्की की जाने लगी, जिसपर पुलिस कर्मियों द्वारा उन्हें रोककर वहां से स्थानांतरित कर दिया गया। इस दौरान संस्थान कर्मियों के साथ अभद्रता, मारपीट, गाली-गलौज एवं जान से मारने की धमकी दी गई। साथ ही, अस्पताल की सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाई गई, जिससे अस्पताल की सेवाएं प्रभावित हुई तथा गंभीर मरीजों के उपचार में बाधा उत्पन्न हुई। उक्त घटनाओं के कारण कानून-व्यवस्था एवं चिकित्सकीय सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की स्थिति उत्पन्न हो गई। अस्पताल के निदेशक द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर राजकीय कार्य में बाधा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, चिकित्सकीय सेवाओं को प्रभावित करने तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न करने के संबंध में अभियोग पंजीकृत करते हुए उपद्रवी तत्वों को चिन्हित कर लिया गया है तथा विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। पुलिस द्वारा मारपीट व लाठीचार्ज के लगाए गए आरोप पूर्णतः असत्य एवं निराधार है। पुलिस के उच्चाधिकारी मौके पर मौजूद हैं। शांति व्यवस्था स्थापित है। कुछ प्रदर्शनकारी तत्वों/नेताओं के हटने के बाद से चिकित्सीय व्यवस्था (ओपीडी) व अन्य चिकित्सीय कार्य सुचारू रूप से संचालित हो रहें हैं। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



