राजनीति

Sonam Wangchuk Hunger Strike: सोनम वांगचुक बोले-मैं किसी भी कीमत पर 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने अनशन समाप्त करने की अपील की

Sonam Wangchuk: जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को कहा है कि वह किसी भी कीमत पर 20 जुलाई तक जीवित रहेंगे। उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का आज 20वां दिन है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय से चल रहा उनका उपवास अब गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) का विरोध प्रदर्शन 28वें दिन में प्रवेश कर गया है। इस दौरान सोनम वांगचुक ने लोगों से अपील की है कि वे 20 जुलाई को संसद तक पार्टी के प्रस्तावित मार्च में बड़ी संख्या में शामिल हों।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोनम वांगचुक से की मुलाकात
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनसे अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त करने की अपील की है। पवन खेड़ा सुबह के समय जंतर मंतर पहुंचे और वांगचुक से मुलाकात की। इस दौरान पवन खेड़ा ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे अन्य प्रदर्शनकारियों से भी मुलाकात की है।

डिंपल यादव ने केंद्र सरकार से सोनम वांगचुक से वार्ता का किया आग्रह
समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार से सोनम वांगचुक के साथ बातचीत शुरू करने और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) द्वारा उठाई गई मांगों का समाधान करने का आग्रह किया। डिंपल यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह वांगचुक द्वारा किए जा रहे अनिश्चितकालीन अनशन और नीट प्रश्नपत्र के कथित लीक से जुड़ी छात्रों की मौत के बावजूद संवेदनहीन बनी हुई है।

अरविंद केजरीवाल जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक से मिले, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को जंतर-मंतर पहुंचकर जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की और कथित पेपर लीक के खिलाफ उनके प्रदर्शन का समर्थन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार को युवाओं, छात्रों और वांगचुक की बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले परीक्षा प्रश्नपत्र लीक से जुड़ी उनकी चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने सोनम वांगचुक की मांगों का किया समर्थन
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की मांगों का समर्थन करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि केंद्र सरकार ने देश में विरोध प्रदर्शन के अधिकार को ही समाप्त करने का फैसला कर लिया है। राज ठाकरे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि पारदर्शिता केवल नीट परीक्षा में ही नहीं, बल्कि सभी परीक्षाओं में आवश्यक है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस मुद्दे पर ध्यान देने की अपील की है। गौरतलब है कि इससे पहले भी कई नेता सोनम वांगचुक से मुलाकात कर अनशन खत्म करने की अपील कर चुके हैं। (भाषा/सारा जहां न्यूज नेटवर्क)

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