CBI: भगवंत मान के ओएसडी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज, मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय में तलाशी; जानें-किसने-क्या कहा?

Punjab News: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ मंगलवार को भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया। इसी के साथ सीबीआई ने मान के कैंप कार्यालय सहित कई परिसर की तलाशी भी ली। सीबीआई ने यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के उस आदेश के बाद की, जिसमें संघीय एजेंसी को यह कहते हुए मामले की जांच करने का निर्देश दिया गया था कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से साझा की गई सामग्री से प्रथम दृष्टया आरोपियों के भ्रष्ट आचरण में शामिल होने का संकेत मिलता है।
भगवंत मान बोले, अब पंजाब में ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग किया जाएगा
भगवंत मान ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। उन्होंने लिखा कि सीबीआई ने मेरे कैंप कार्यालय पर छापा मारा। अब पंजाब में ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग किया जाएगा, ताकि पंजाब सरकार और मुझे बदनाम किया जा सके। लोगों से मिल रहे प्यार को देखकर भाजपा घबरा गई है।
जानें, क्या है मामला
उच्च न्यायालय का आदेश वकील निखिल सराफ की ओर से दायर जनहित याचिका पर आया था, जिसमें उन्होंने ईडी की ओर से पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को लिखे पत्रों में उठाए गए मामले की स्वतंत्र जांच का अनुरोध किया गया था। अदालत ने कहा था कि ईडी की ओर से साझा की गई जानकारी से पहली नजर में भ्रष्ट आचरण में बड़े सरकारी अधिकारियों की संलिप्ततता का संकेत मिलता है। ऐसे में कम से कम प्राथमिकी दर्ज करना जरूरी है, ताकि मामले की ठीक से जांच हो सके। पंजाब पुलिस का रवैया ऐसा नहीं रहा है।
ईडी ने कई ठिकानों की तलाशी ली
ईडी ने पंजाब के डीजीपी को तीन पत्र लिखकर कथित बिचौलिये नितिन गोहल और अन्य लोगों के खिलाफ पैसों और अन्य फायदे के बदले सरकारी अधिकारियों के तबादले एवं तैनाती को प्रभावित करने, हथियार लाइसेंस आवेदनों को मंजूरी दिलाने में मदद देने, गोपनीय सरकारी दस्तावेज लीक करने तथा विभिन्न सरकारी स्वीकृतियां दिलाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी। यह मांग एक आवासीय सोसाइटी से जुड़े मामले में भू-उपयोग में बदलाव (सीएलयू) की मंजूरी हासिल करने के लिए कथित तौर पर फर्जी सहमति पत्र जमा करने से जुड़ी धन शोधन जांच के सिलसिले में की गई थी। ईडी ने मई में गोहल, इंडियन कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसाइटी के अजय सहगल, सनटेक सिटी प्रोजेक्ट और कुछ अन्य लोगों से जुड़े ठिकानों की तलाशी ली थी। जांच एजेंसी ने वकील सराफ की ओर से ईडी के आरोपों की जांच के अनुरोध को लेकर दायर याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में 200 पन्ने का हलफनामा पेश किया था।

अरविंद केजरीवाल बोले, ये भाजपा के बौखलाहट का नतीजा
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि चुनाव से दो महीने पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय पे सीबीआई की रेड बीजेपी के बौखलाहट का नतीजा है। जब से सेंटर में बीजेपी की सरकार आई है, उसने पंजाबियों के साथ हमेशा ही धक्का किया है चाहे किसान आंदोलन हो, पंजाब के पानी का मुद्दा हो, पंजाब यूनिवर्सिटी का मुद्दा हो। और अब तो उनके चुने हुए मुख्यमंत्री के साथ भी धक्का कर रही। बीजेपी चुनाव लड़के पंजाब में जीत नहीं सकती तो ईडी-सीबीआई के सहारे चुनाव लड़ना चाहती है। लेकिन पंजाबियों ने अपना मन बना लिया है और बीजेपी के सीबीआई रेड का जवाब आने वाले चुनाव ने भगवंत मान को 100 प्लस सीटों से जीता कर दोबारा मुख्यंत्री बना कर देंगे। (भाषा)


