George Soros: कौन हैं जॉर्ज सोरोस, जिनका नाम लेकर भाजपा साध रही है कांग्रेस पर निशाना

George Soros News: अमेरिकी कारोबारी जॉर्ज सोरोस (George Soros) से जुड़े आरोपों को लेकर सोमवार को भारत में लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ, जिसके कारण सदन की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। जॉर्ज सोरोस का नाम लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इन दिनों कांग्रेस पर निशाना साध रही है।
जानें, जॉर्ज सोरोस कौन हैं
जॉर्ज सोरोस का जन्म हंगरी के बुडापेस्ट में 1930 में एक समृद्ध यहूदी परिवार में हुआ था, 1944 में हंगरी में नाजियों के आगमन के कारण उनके शुरुआती दिन संघर्ष भरे रहे। कहा जाता है कि सोरोस ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाई के लिए रेलवे पोर्टर और वेटर के रूप में काम किया। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हिटलर की ओर से बनाए गए यातना शिविरों में भेजे जाने से बचाने के लिए सोरोस को परिवार से अलग रहना पड़ा। सोरोस 1947 में अपने परिवार के साथ लंदन चले गए। सोरोस ने दर्शनशास्त्र का अध्ययन किया और दार्शनिक बनने की योजना बनाई।
जॉर्ज सोरोस पर पर लग चुके हैं ये आरोप
सोरोस ने अपना फंड बनाने से पहले लंदन मर्चेंट बैंक में काम किया। सोरोस 1956 में न्यूयॉर्क शहर चले गए, यहां उन्होंने यूरोपीय प्रतिभूतियों के विश्लेषक (एनालिस्ट) के रूप में काम करना शुरू किया। जॉर्ज सोरोस पर 1997 में थाईलैंड की मुद्रा (बाहट) पर सट्टा लगाकर उसे कमजोर करने के भी आरोप लगे। हालांकि खुद सोरोस इस आरोप से इनकार करते हैं। उनका नाम उस वित्तीय संकट से जोड़ा गया था, जो उस वर्ष एशिया के अधिकांश हिस्सों में फैल गया था। मलेशिया के तत्कालीन प्रधानमंत्री महातिर बिन मोहम्मद ने रिंगिट के पतन के लिए भी सोरोस को जिम्मेदार ठहराया था। सोरोस पर आरोप लगाया जाता है कि वे राजनीति को आकार देने और सत्ता परिवर्तन के लिए अपने धन और प्रभाव का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने 2020 में राष्ट्रवाद के प्रसार से निपटने के लिए एक नए विश्वविद्यालय नेटवर्क को एक बिलियन डॉलर की आर्थिक मदद देने का एलान किया था। सोरोस को बैंक ऑफ इंग्लैंड को बर्बाद करने वाले व्यक्ति के रूप में जाना जाता है। जिस तरह से भारत में रिजर्व बैंक (आरबीआई) काम करता है, उसी तरह ब्रिटेन में बैंक ऑफ इंग्लैंड काम करता है। सोरोस पर आरोप लगते हैं कि हेज फंड मैनेजर ने एक समय पर ब्रिटिश मुद्रा (पाउंड) को शॉर्ट कर एक बिलियन डॉलर का मुनाफा कमाया था। फोर्ब्स के अनुसार, 29 जून, 2023 तक जॉर्ज सोरोस की कुल संपत्ति 6.7 बिलियन डॉलर है। वह दुनिया के सबसे धनाढ्य लोगों में से एक हैं।
भारत में उनसे जुड़े ये हैं विवाद
जॉर्ज सोरोस भारत के प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भी आलोचक रहे हैं। 2020 में सोरोस ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) में एक कार्यक्रम में मोदी सरकार की आलोचना की थी और कहा था कि राष्ट्रवाद आगे बढ़ रहा है और उन्होंने कहा था कि यह भारत में ‘सबसे बड़े झटके’ की तरह है। इसी साल फरवरी में जॉर्ज सोरोस अदाणी-हिंडनबर्ग मुद्दे पर पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपनी टिप्पणी के बाद भारत में विवादों में आ गए। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने तब सोरोस पर पलटवार करते हुए कहा था कि सोरोस भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनकी पार्टी के सोरोस से संबंध हैं, जो भाजपा नेता के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। दुबे ने शून्यकाल के दौरान सदन में आकर नारे लगाए, कांग्रेस का हाथ सोरोस के साथ है। भारत में इन दिनों भाजपा सोरोस के नाम पर कांग्रेस पर हमलावर है। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



