राजनीति

Haryana Election Result: हरियाणा में तंत्र की जीत और लोकतंत्र की हार हुई: कांग्रेस

कांग्रेस (Congress) ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों को ‘अप्रत्याशित’ और ‘लोक भावना के खिलाफ’ करार देते हुए मंगलवार को कहा कि राज्य में ‘तंत्र की जीत और लोकतंत्र की हार’ हुई है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में हरियाणा के परिणाम को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

विधानसभा चुनाव नतीजेः हरियाणा में भाजपा, जम्मू-कश्मीर में नेंका-कांग्रेस की वापसी
हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के मंगलवार को आए नतीजों/रुझानों में मतदाताओं ने आश्चर्यचकित करते हुए दोनों ही स्थानों पर विजेताओं को निर्णायक बढ़त प्रदान की है। इसके तहत हरियाणा में भाजपा सबसे बड़े दल के तौर पर जीत की ‘हैट्रिक’ की ओर अग्रसर है तो वहीं, जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन सरकार बनाता दिख रहा है।

निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस से कहा, हरियाणा में नतीजों को अद्यतन करने में देरी के आरोप ‘बेबुनियाद’
निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को कांग्रेस नेता जयराम रमेश से कहा कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों को अद्यतन करने में देरी के उनके “बेबुनियाद आरोप” को साबित करने के लिए रिकॉर्ड पर कुछ भी नहीं है। आयोग ने पार्टी के आरोपों को “गैर-जिम्मेदाराना, निराधार और अनुचित दुर्भावनापूर्ण विमर्श को गुप्त रूप से विश्वसनीयता प्रदान करने का प्रयास” करार दिया।

कांग्रेस को सत्ता में लाने के प्रयासों को विफल करने वालों की पहचान करनी चाहिए: कुमारी सैलजा
कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा ने मंगलवार को हरियाणा विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार को निराशाजनक करार दिया और कहा कि पार्टी को उन लोगों की पहचान करनी चाहिए, जिन्होंने उसे (पार्टी को) सत्ता में लाने के प्रयासों को विफल किया।उन्होंने यह भी कहा कि अब नए सिरे से सोचना होगा और चीजें जैसी चल रही हैं, वैसी नहीं चलेंगी।

कहा, नतीजे निराशाजनक हैं
सैलजा ने कहा कि नतीजे निराशाजनक हैं। सुबह तक हमें पूरी उम्मीद थी। हमारे सभी कार्यकर्ता बहुत निराश हैं, क्योंकि इन्होंने पिछले 10 साल में कांग्रेस के लिए बहुत कुछ सहा है। लेकिन अब हमें इन सब बातों से पीछे हटते हुए एक नए सिरे से आगे सोचना होगा, क्योंकि जैसे अभी चल रहा है वो ऐसे ही तो नहीं चलेगा। पार्टी को किस तरह से राज्य में सींचा नहीं गया, ताल-मेल नहीं रखा गया, कौन से लोग थे, जो सबको साथ लेकर चलने के जिम्मेदार थे ये भी बाते हैं। राज्य में क्या संदेश गया है। किसलिए लोग कांग्रेस की सरकार बनाते हुए पीछे हट गए? ये सब बातें देखनी पड़ेंगी।

तालमेल पर कही ये बात
राज्य में पार्टी के आंतरिक ‘ताल-मेल’ के सवाल पर उन्होंने कहा कि चुनाव के समय हमें लगा कि हमें मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए। बहुत कुछ होते हुए हमने सब बातों पर पर्दा डालते हुए चुनाव लड़ा। चुनाव तक और चुनाव के दौरान बहुत सी बातें हुईं। आज कहना अच्छा नहीं लगेगा तो इस बात को यहीं छोड़ देते हैं। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)

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