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Court News: दुष्कर्म मामलों में पीड़िता की मुकदमा रद्द करने की याचिका को प्राथमिकता न दें: केरल उच्च न्यायालय

केरल उच्च न्यायालय (Kerala High Court) ने कहा है कि जब भारतीय दंड संहिता या यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत दुष्कर्म के गंभीर अपराध प्रथम दृष्टया प्रतीत होते हैं, तो मामले को रद्द करने के लिए पीड़िता की याचिका को भी कोई वरीयता नहीं दी जाएगी।
जानें, क्या है मामला
उच्च न्यायालय का यह फैसला पीड़िता और उसकी मां की याचिका पर आया है, जिसमें उन्होंने अपने नृत्य शिक्षक और उसकी पत्नी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामले को रद्द करने की मांग की थी। इस मामले में दुष्कर्म से संबंधित एक धारा, तथा यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। (भाषा)



