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Harish Rana: जानें, कौन हैं हरीश राणा, जिनका दिल्ली के एम्स में हुआ निधन; 13 साल से थे कोमा में

Harish Rana Death: आखिरकार भारत में निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति पाने वाले पहले व्यक्ति हरीश राणा (Harish Rana) का 13 साल से अधिक समय तक कोमा में रहने के बाद दिल्ली के एम्स में मंगलवार को निधन हो गया।

2013 से कोमा में थे हरीश राणा
हरीश राणा (31) को 14 मार्च को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित उनके घर से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉ. बीआर आंबेडकर इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल की उपशामक देखभाल इकाई (पैलिएटिव केयर यूनिट) में स्थानांतरित किया गया था। वह 2013 से कोमा में थे।

जानें, कौन हैं हरीश राणा
हरीश राणा उत्तर प्रदेश राज्य के गाजियाबाद के रहने वाले थे। वह चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में बीटेक की पढ़ाई कर रहे थे। 20 अगस्त, 2013 को हरीश राणा के पिता अशोक राणा को फोन आया कि वह हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर गए हैं और वह कोमा में चले गए हैं। हरीश राणा के परिजनों ने चंडीगढ़ पीजीआई से लेकर एम्स और देश के बड़े अस्पतालों में उनका इलाज कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। डॉक्टरों ने हरीश राणा के पिता अशोक राणा को बताया कि सिर में चोट लगने से हरीश राणा की दिमाग की नशें सूख गई हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कब दी इच्छामृत्यु की अनुमति
2022 में हरीश राणा के पिता अशोक राणा और मां निर्मला देवी ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। जुलाई, 2024 में हरीश राणा के माता-पिता की इच्छामृत्यु की याचिका हाई कोर्ट ने खारिज कर दी। इसके बाद फिर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। 15 जनवरी, 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा की इच्छामृत्यु मामले में फैसला सुरक्षित रखा। 11 मार्च, 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा की इच्छामृत्यु वाली याचिका स्वीकार कर ली। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सम्मानजनक तरीके से उनकी अंतिम विदाई दी जाए।

हरीश राणा को कब लाया गया एम्स
हरीश राणा को 15 मार्च को उनके माता-पिता दिल्ली एम्स ले गए थे। यहां पर हरीश राणा का लाइफ सपोर्ट सिस्टम चरणबद्ध तरीके से हटाया गया। हरीश राणा ने 24 मार्च को दिल्ली के एम्स में अंतिम सांस ली। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)

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