UP Politics: मायावती ने ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी को लेकर सपा नेतृत्व की खामोशी पर उठाए सवाल, कहा-मांफी मांगें अखिलेश

UP News: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) के एक प्रवक्ता द्वारा ब्राह्मण समाज पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में सपा नेतृत्व की खामोशी पर सवाल उठाते हुए शुक्रवार को कहा कि इस चुप्पी से मामला और अधिक गंभीर होता जा रहा है।
सपा प्रवक्ता के गैर-जिम्मेदाराना बयान
मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि समाजवादी पार्टी (सपा) के एक प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा अभी हाल ही में ब्राह्मण समाज को लेकर की गयी अभद्र, अशोभनीय एवं आपत्तिजनक टिप्पणी व बयानबाजी आदि को लेकर हर तरफ उपजा भारी आक्रोश व उसकी तीव्र निंदा स्वाभाविक ही है तथा इस विवाद के फलस्वरूप पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद भी यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। किन्तु संकीर्ण जातिवादी राजनीति करने वाली सपा के नेतृत्व की इस मामले को लेकर खामोशी से भी मामला और अधिक गंभीर होकर काफी तूल पकड़ता जा रहा है। स्थिति भी तनावपूर्ण होती जा रही है।
वैसे भी सपा प्रवक्ता के गैर-जिम्मेदाराना बयान से ब्राह्मण समाज के आदर-सम्मान व स्वाभिमान को जो ठेस पहुंची है, तो उसको गंभीरता से लेते हुए सपा मुखिया को इसका तत्काल संज्ञान लेकर ब्राह्मण समाज से छमा याचना व पश्चाताप कर लेना चाहिए तो यह संभवतः उचित होगा।
कहा, इनका जातिवादी चाल व चरित्र बदला नहीं
मायावती के अनुसार, इस मामले से लोगों की नजर में यह भी साबित है कि सपा का खासकर दलितों, अति-पिछड़ों व मुस्लिम समाज आदि की तरह ब्राह्मण समाज-विरोधी भी इनका जातिवादी चाल व चरित्र बदला नहीं है बल्कि और ज्यादा गहरा ही हुआ है तथा इसके साथ ही, ब्राह्मण समाज के प्रति वर्तमान सरकार के रवैयों को लेकर भी जो जबरदस्त नाराजगी इस समाज में देखने को मिल रही है वह भी किसी से छिपा हुआ नहीं है, जबकि यह सर्वविदित है कि बीएसपी द्वारा सर्वसमाज की तरह ब्राह्मण समाज को भी पार्टी व सरकार में भी भरपूर आदर-सम्मान देने के साथ-साथ हर स्तर पर उन्हें उचित भागीदारी भी दी गयी है अर्थात बीएसपी में यूज एंड थ्रो नहीं है बल्कि सर्वसमाज का हित हमेशा सुरक्षित रहा है। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



