Akash Anand: जानें, मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को फिर क्यों बनाया बसपा का राष्ट्रीय संयोजक, क्या है रणनीति

Mayawati: उत्तर प्रदेश (यूपी) की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को एक बार फिर अपना फैसला बदलते हुए अपने भतीजे आकाश आनन्द को पार्टी में वापस शामिल कर लिया और उन्हें बसपा का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया है। बसपा प्रमुख ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस फैसले की जानकारी दी।
जानें, क्या कहा मायावती ने
मायावती के मुताबिक, बसपा के हित में आकाश आनंद को पुनः बसपा का राष्ट्रीय संयोजक बनाकर उनको फिर से पार्टी में कार्य करने का मौका दिया जा रहा है। मायावती ने हाल के दिनों में आकाश आनंदद के प्रति नाराजगी जताई थी और बाद में उन्हें माफ भी कर दिया था। हालांकि, पिछले दिनों उन्होंने कहा था कि अब आकाश आनन्द को दोबारा मौका नहीं दिया जाएगा और अपने छोटे भतीजे तथा आकाश आनंद के भाई ईशान आनंद को आगे बढ़ाया था। इससे पहले मायावती ने अपने अंतिम फैसले और प्रतिज्ञा के आठ दिन बाद 20 सितंबर को पारिवारिक मामलों को लेकर नया फैसला सुनाते हुए कहा था कि अब उनके छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे आकाश आनंद और बेटी दीपिका आनंद को पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा था कि परिवार में से केवल ईशान आनन्द को ही सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाया जाएगा।
कभी मायावती के करीबी रहे सिद्धार्थ ने बसपा से निकाले जाने के बाद राजनीति से संन्यास ले लिया
मायावती का यह फैसला 12 सितंबर को किए गए उनके एक पारिवारिक फैसले के आठ दिन बाद आया था, जिसमें बसपा प्रमुख ने कहा था कि उनके छोटे भाई आनंद कुमार के किसी भी बेटे (आकाश और ईशान) को पार्टी में छोटे या बड़े किसी भी पद पर रहते हुए राजनीति करने का मौका नहीं दिया जाएगा। मायावती ने दिसंबर 2023 में आकाश आनंद को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया था। हालांकि, 10 सितंबर को उन्होंने आकाश आनंद को बसपा से पूरी तरह मुक्त कर दिया था और इसकी वजह उनके ससुर एवं पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ को बताया था। कभी मायावती के बेहद करीबी रहे सिद्धार्थ ने बसपा से निकाले जाने के बाद राजनीति से संन्यास ले लिया है।
इस वजह से पार्टी संगठन में कई बार कुछ जरूरी परिवर्तन भी करने पड़े
मायावती ने सोमवार को एक्स पर लिखा कि आकाश आनंद का व्यक्तित्व पार्टी में काफी हद तक ठीक ही रहा है, लेकिन इनको लेकर पिछले दिनों कुछ ऐसे कारण भी रहे हैं, जिसकी वजह से पार्टी संगठन में कई बार कुछ जरूरी परिवर्तन भी करने पड़े हैं और फिर अंततः आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेने के लिए मजबूर भी होना पड़ा है। उसके बाद से आकाश आनंद के व्यक्तित्व व कार्यशैली आदि में काफी कुछ बदलाव भी लोग देख रहे हैं, जिसका खास प्रमाण पार्टी में वापसी के लिए अभी हाल ही में सोशल मीडिया एक्स पर किया गया उनका एक पोस्ट भी है, जिसकी काफी चर्चा भी है। आकाश आनंद ने दो अक्टूबर को एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि वह किसी अन्य राजनीतिक दल में नहीं जा रहे हैं और बसपा उनके लिए केवल एक पार्टी नहीं, बल्कि उनका परिवार है। आनंद ने मायावती को अपना राजनीतिक गुरु, प्रेरणा और बुआ मां बताते हुए कहा था कि उन्होंने राजनीति में जो कुछ सीखा और किया, वह मायावती के मार्गदर्शन में किया है।
अब पार्टी में सब कुछ ठीक व सुचारू ढंग से चलेगा
मायावती ने अपने पोस्ट में कहा कि अधिकांश लोगों का यही कहना है कि आकाश आनंद के अनुरोध को स्वीकार करते हुए उन्हें पहले दी गई जिम्मेदारियों के साथ काम करने का मौका दिया जाए। इसके लिए उनके पिता आनंद कुमार के साथ-साथ छोटे भाई ईशान आनंद ने भी अपनी सहमति जताई है। ईशान आनंद ने अपनी मिशनरी भावना प्रदर्शित करते हुए कहा है कि वह बिना किसी पद के भी पार्टी में बहनजी के दिशा-निर्देशन में जो भी कार्य सौंपा जाएगा, उसे पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाएंगे। बसपा प्रमुख ने उम्मीद जताते हुए कहा कि अशोक सिद्धार्थ द्वारा राजनीति से संन्यास लेने के बाद से अब पार्टी में सब कुछ ठीक व सुचारू ढंग से चलेगा और पार्टी संगठन में भी बार-बार परिवर्तन नहीं करना पड़ेगा, हालांकि यह काफी कुछ आकाश आनंद के ऊपर भी निर्भर करेगा। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



