UP Politics: ‘चवन्नी से रुपया’ वाले बयान पर मायावती ने अखिलेश यादव से जाट समाज से माफी मांगने को कहा

UP News: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शनिवार को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के बारे में की गई अमर्यादित टिप्पणी के लिए उन्हें पूरे जाट समाज से माफी मांगनी चाहिए।
सपा पर साधा निशाना
मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि जैसाकि सर्वविदित है कि समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख द्वारा अपनी पुरानी सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय लोकदल व उस पार्टी के नेता केंद्रीय मंत्री के बारे में यह सार्वजनिक बयान देना कि हमने इनको चवन्नी से रुपया बना दिया है, यह कहना पूर्णतः अमर्यादित, अशोभनीय व अति-शर्मनाक है तथा इस प्रकार की अहंकारी व अलोकतांत्रिक बयानबाजी के लिए उन्हें उस पार्टी से व उनके नेता से ही नहीं बल्कि स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह के परिवार का अपमान करने के लिए पूरे जाट समाज से भी अविलंब माफी मांगनी चाहिए तो यह उचित होगा। वैसे देश की राजनीति में सपा का चाल, चरित्र व चेहरा अपने विरोधी पार्टियों के लिए ही नहीं बल्कि अपने सहयोगियों के लिए भी हमेशा से राजनीतिक संकीर्णता व जातिवादी द्वेष आदि से ग्रसित ज़्यादातर अप्रिय और अविश्वसनीय ही रहा है, जिस कारण इसका राजनीतिक एवं चुनावी लाभ भी अक्सर मौकों पर भाजपा ही उठाती रही है और सेक्युलर ताकतें कमजोर होती रहीं हैं।
यह भी कहा मायावती ने
मायावती के मुताहिक, सपा के इसी प्रकार के अति-अहंकारी स्वाभाव के कारण पहले सन् 1993 में यूपी में मुलायम सिंह यादव के साथ सपा व बसपा का बना गठबंधन जल्दी ही टूट गया, जिसके फलस्वरूप दो जून 1995 को मेरी हत्या करने के षड्यंत्र के तहत मेरे विरुद्ध कुख्यात लखनऊ स्टेट गेस्ट हाऊस कांड हुआ। और फिर आगे चलकर इनके बेटे अखिलेश यादव द्वारा इनके पिता की तरह पुरानी गलतियों को फिर से ना दोहराने का आश्वासन देते हुए लोकसभा का चुनावी गठबंधन हुआ जो चुनाव का नतीजा इनके अनुरूप ना आने की वजह से कुछ समय के बाद ही बीएसपी के प्रति इनके अहंकारी व स्वार्थी आदि रवैये के कारण फिर यह गठबंधन भी टूट गया, क्योंकि डा. भीमराव अंबडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के कारवां वाली पार्टी बीएसपी व उसकी नेतृत्व सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की सर्वसमाज हितैषी अंबेडकरवादी नीतियों व सिद्धांतों से कदापि विमुख नहीं हो सकती है।
कहा, सपा गठबंधन के मामले में केवल अपना काम निकालना जानती है
बसपा अध्यक्ष ने कहा कि सपा गठबंधन के मामले में केवल अपना काम निकालना जानती है और अपना काम निकलते ही फिर यह पार्टी गिरगिट की तरह अपना रंग बदल लेती है तथा दूसरी पार्टी के बारे में अनाप-शनाप भाषा का भी खूब इस्तेमाल करती रहती है, जोकि यह सपा का पुराना रवैया है। ऐसे में सर्वसमाज के लोग सपा की संकीर्ण व जातिवादी राजनीति से जरूर सावधान रहें। साथ ही, यह बात भी जग-जाहिर है कि सपा मुखिया अखिलेश यादव अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए अपने पीडीए में से पी को कभी पिछड़ा वर्ग, तो कभी पी को पंडितों का हितकारी बता देते हैं, जबकि इनके बारे में सच्चाई तो यह है कि वे पिछड़े वर्गों में अपनी खुद की जाति के अलावा बाकी पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों तथा अपरकास्ट समाज में से खासकर ब्राह्मण समाज के भी कतई हितैषी नहीं रहे हैं।
यह भी कहा, सपा के लिए
मायावती ने कहा कि सपा की सभी रही सरकारों में दलितों, पिछड़ों, अकलियतों, अपरकास्ट समाज में से विशेषकर ब्राह्मण समाज का भी काफी शोषण व उत्पीड़न आदि किया गया है तथा ना ही इनके हितों में कोई भी सकारात्मक कदम उठाए गए हैं, बल्कि इनकी सरकार में वास्तव में केवल गुंडों, बदमाशों, माफियाओं व अन्य अराजक तत्वों का ही भला हुआ है और साथ ही इनकी सरकार में दिन-छिपने के बाद हमारी बहिन-बेटियां भी घर से बाहर नहीं निकल सकती थीं। ऐसे में सर्वसमाज के लोग यूपी आगामी विधानसभा आमचुनाव में इस पार्टी (सपा) को सत्ता में कतई भी ना आन दें, जो यह उनके हित में होगा। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



