Vande Mataram: क्या मोदी ने मुख्यमंत्री और वाजपेयी ने प्रधानमंत्री रहते पूरा वंदे मातरम् गाया था, कपिल सिब्बल ने अमित शाह से किया सवाल

Kapil Sibal: वंदे मातरम् पर राजनीति गरमाने लगी है। राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे गाने के कांग्रेस के फैसले को लेकर उसे राष्ट्र-विरोधी बताने संबंधी गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर शुक्रवार को पलटवार करते हुए सवाल किया कि क्या नरेंद्र मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते या अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री रहते वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाया था।
यह भी कहा कपिल सिब्बल ने
कपिल सिब्बल ने सवाल किया कि वंदे मातरम् का पूरा संस्करण नहीं गाने वाले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता भी क्या राष्ट्र-विरोधी हैं।
वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे गाने का कांग्रेस का फैसला राष्ट्रविरोधी : अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे गाने का पार्टी का फैसला राष्ट्र-विरोधी है तथा इसका मकसद कानून की खुली अवहेलना कर वोट बैंक के लिए तुष्टीकरण करना है। अमित शाह ने राष्ट्रगीत को पूरा गाने के बजाय केवल दो अंतरे गाने के कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के फैसले का उल्लेख करते हुए देश के विभाजन के इतिहास का जिक्र किया और कहा कि वंदे मातरम् के टुकड़े करने के कारण देश को इसके परिणाम भुगतने पड़े।
जानें, क्या कहा था अमित शाह ने
अमित शाह ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि कांग्रेस कार्यसमिति ने वंदे मातरम् के पूर्ण गान की जगह केवल दो अंतरे गाने का जो फैसला लिया है, वह न केवल देशविरोधी है, बल्कि संसद के बनाए कानून की खुली अवहेलना भी है। 1937 में तुष्टीकरण के लिए कांग्रेस ने ही वंदे मातरम् के दो टुकड़े किए। वहीं, से दो-राष्ट्र सिद्धांत को ताकत मिली और देश का विभाजन हुआ। वंदे मातरम् के 150वें वर्ष पर मोदी सरकार ने यह ऐतिहासिक गलती सुधारी और पूर्ण गान को कानूनी स्वरूप दिया। लेकिन राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस फिर उसी वोट बैंक के लिए तुष्टीकरण के रास्ते पर है। वंदे मातरम् के टुकड़े करने की गलती एक बार हो चुकी और देश उसके परिणाम भुगत चुका। देशवासियों से यह अपील है कि एकजुट होकर कांग्रेस के इस तुष्टीकरण के खिलाफ आवाज बुलंद करें। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



