Earthquake: क्यों बार-बार आता है भूकंप, कैसे मापी जाती है इसकी तीव्रता; धरती डोले तो क्या करें?

Earthquake News: नेपाल में शनिवार सुबह अलग-अलग क्षेत्रों में दो बार हल्की तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। भूकंप से किसी तरह के नुकसान की तत्काल कोई सूचना नहीं है। नेपाल के राष्ट्रीय भूकंप निगरानी केंद्र के अनुसार, काठमांडू से करीब 300 किलोमीटर दूर बागलुंग जिले में सुबह छह बजकर 20 मिनट पर भूकंप आया। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.1 थी और इसका केंद्र जिले का खुखानी इलाका था। नेपाल की तरह आए दिन अन्य देशों में भी भूकंप आता रहता है। जानें, क्यों आता है भूकंप? कैसे मापी जाती है भूकंप की तीव्रता? भूकंप आए तो क्या करें?
इसलिए आता है भूकंप
पृथ्वी की चार प्रमुख परतें हैं, जिसे इनर कोर, आउटर कोर, मेंटल और क्रस्ट कहते हैं। पृथ्वी के नीचे मौजूद प्लेट्स घूमती रहती हैं, जिसके आपस में टकराने पर पृथ्वी की सतह के नीचे कंपन शुरू होता है। जब ये प्लेट्स अपनी जगह से खिसकती हैं, तो भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। इस जगह पर सबसे ज्यादा भूकंप का असर रहता है। भूकंप की तीव्रता अगर ज्यादा होती है तो इसके झटके काफी दूर तक महसूस किए जाते हैं।
ऐसे मापी जाती है भूकंप की तीव्रता
भूकंप की तीव्रता का पता लगाने के लिए रिक्टर स्केल का इस्तेमाल किया जाता है। रिक्टर स्केल पर एक से नौ तक आए भूकंप के झटकों को मापा जाता है। भूकंप के दौरान पृथ्वी के नीचे से ऊर्जा तरंगे निकलती हैं। उसे रिक्टर स्केल के जरिए मापा जाता है। इसके बाद ही यह पता लग पाता है कि भूकंप की तीव्रता कितनी थी और इसका केंद्र किस क्षेत्र में था।
भूकंप के दौरान करें ये काम
भूकंप के झटके महसूस होने पर शांत रहे और अपने आसपास के लोगों को आश्वस्त करें।
इमारतों से दूर खुली जगहों पर चले जाएं, जहां आसपास कोई इमारत न हो।
भूकंप के झटके महसूस हों, तो घर में मौजूद लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। डेस्क, टेबल और बिस्तर के नीचे छिप जाएं। कांच के दरवाजों, शीशों और खिड़कियों से दूरी बनाकर रखें। भूकंप आए तो तुरंत सावधान हो जाएं। घबराएं नहीं। धैर्य से काम लें। मुसीबत में ईश्वर को याद करें। मुसीबत कुछ देर में अपने आप टल जाएगी। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



