Digital Arrest: जानें-क्या होता है डिजिटल अरेस्ट, कैसे करें बचाव

Haryana News: डिजिटल अरेस्ट की बढ़ती वारदातों के बीच हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा है कि डिजिटल अरेस्ट की बात कोरी बकवास है। दो कौड़ी के बहुरूपिये इस तरह की ठगी मारते हैं। कोई आपके साथ ऐसी कोई नौटंकी करें तो पहले तो इनको सौ गालियां निकालें। फिर साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर जिस नंबर से कॉल आया था, वो बताएं। उनके मुताबिक, हरियाणा सरकार ने इनकी मरम्मती के लिए साइबर कमांडो भर्ती कर रखे हैं। साइबर क्राइम से बचने का सबसे अच्छा तरीका डर और लालच से कुछ ना करें।
जानें, क्या है डिजिटल अरेस्ट
धोखेबाज खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं कि वे अवैध गतिविधियों में शामिल हैं। वे नकली वारंट दिखाते हैं और तत्काल गिरफ्तारी की धमकी देते हैं, ताकि पीड़ित पैसे या व्यक्तिगत जानकारी दे दें।
ऐसे करें बचाव
डिजिटल अरेस्ट से बचने के लिए किसी को कॉल पर कभी भी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक न करें। किसी भी धमकी या पैसों की मांग को नजरअंदाज करें। cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। सावधानी से डिजिटल अरेस्ट से बचा जा सकता है। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



