Bharat Bandh: भारत बंद का मिलाजुला असर, पटना में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

भारत बंद (Bharat Bandh) का बुधवार को देश में मिलाजुला असर दिख रहा है। इस बीच, बिहार के पटना में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज की खबर है। उत्तर प्रदेश के हापुड़ में भारत बंद के दौरान विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया, सड़कें जाम कीं और ज्ञापन सौंपे। ड्रोन निगरानी के साथ पुलिस हाई अलर्ट पर थी और जिला मजिस्ट्रेट प्रेरणा शर्मा ने ज्ञापनों की शांतिपूर्ण प्राप्ति की पुष्टि की।
यूपी में कानून-व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगीः प्रशांत कुमार
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में और एससी/एसटी आरक्षण को वापस लेने की मांग को लेकर भारत बंद का आह्वान किया है। उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों द्वारा जो भारत बंद का आह्वान किया गया था उसके लिए व्यापक पुलिस बलों की स्थापना की गई है। हमारे अधिकारी संबंधित मजिस्ट्रेटों के साथ लगातार भ्रमणशील हैं। प्रजातांत्रिक तरीके से सभी जगहों से पत्रक लिए जा रहे हैं। पूरे उत्तर प्रदेश में स्थिति नियंत्रण में है। कहीं भी कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है… सभी पक्षों के महत्वपूर्ण व्यक्तियों के वार्ता हो चुकी है और सभी ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होगी… हम प्रदेश की जनता को आश्वस्त करना चाहते हैं कि कानून-व्यवस्था किसी भी स्थिति में बिगड़ने नहीं दी जाएगी।
पटना में लाठीचार्ज
बिहार में आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के खिलाफ एक दिवसीय भारत बंद के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने पटना में लाठीचार्ज किया।
रांची में प्रदर्शन
झारखंड की राजधानी रांची में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने एससी/एसटी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में और इसे वापस लेने की मांग को लेकर भारत बंद का आह्वान करते हुए प्रदर्शन किया।
जयपुर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राजस्थान के जयपुर में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में और एससी/एसटी आरक्षण को वापस लेने की मांग को लेकर भारत बंद की घोषणा की। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
ग्वालियर में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भारत बंद को लेकर पुलिस के पुख्ता इंतजाम देखे गए।आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने एसटी-एसटी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध और इसे पलटने की मांग को लेकर भारत बंद का आह्वान किया है।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कही ये बात
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में और एससी/एसटी आरक्षण को वापस लेने की मांग को लेकर भारत बंद की घोषणा करने पर दिल्ली में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का जो निर्णय आया है उसके दो भाग हैं। एक विषय क्रीमी लेयर का है और दूसरा अनुसूचित जाति के उप-वर्गीकरण का… जब एससी-एसटी के सांसदों को ऐसा लगा कि विपक्ष भ्रम फैला रहा है तो उसके लिए उन्होंने नौ अगस्त को प्रधानमंत्री को ज्ञापन दिया। प्रधानमंत्री ने कैबिनेट में फैसला करके कहा कि क्रीमी लेयर इस फैसले में लागू नहीं है और न ही इस फैसले का भाग है… दूसरा हिस्सा दिशा का है जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर राज्य चाहें तो वे उप-वर्गीकरण कर सकते हैं… विपक्ष के लोग अनावश्यक रूप से इस विषय पर भ्रम फैला रहे हैं…एसटी-एसटी और ओबीसी के हितों की प्रधानमंत्री मोदी लगातार रक्षा करते आ रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।(सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



