Nithari Case: जानें, निठारी कांड में कब-क्या हुआ, कौन जेल में रहेगा; कौन हुआ बरी?

सीबीआई (CBI) और 2006 के निठारी कांड के पीड़ितों के परिवारों को बड़ा झटका देते हुए उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को जांच एजेंसी और कुछ परिवार के सदस्यों की 14 याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें इस जघन्य हत्याकांड में सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंढेर को बरी किए जाने को चुनौती दी गई थी।
जानें, क्या है मामला
राष्ट्रीय राजधानी से सटे नोएडा के निठारी में 29 दिसंबर, 2006 को पंढेर के घर के पीछे एक नाले से आठ बच्चों के कंकाल मिलने के बाद यह हत्याएं प्रकाश में आईं।
12 मामलों में बरी होने के बाद भी सुरेंद्र कोली जेल में ही रहेगा
निठारी हत्याकांड के 12 मामलों में दोषी सुरेंद्र कोली को बरी करने के फैसले को उच्चतम न्यायालय द्वारा बरकरार रखे जाने के बाद भी वह जेल में ही रहेगा, क्योंकि उसे नाबालिग रिम्पा हलदर की हत्या के मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के प्रवक्ता ने कहा कि निठारी कांड में आजीवन कारावास की सजा के कारण दोषी (कोली) अभी जेल में ही रहेगा।
जानें, निठारी हत्याकांड में कब-क्या हुआ?
29 दिसंबर, 2006: निठारी गांव से सटे नोएडा के सेक्टर 31 में बंगला संख्या डी-5 के पीछे नाले में बोरियों में भरे 16 मानव खोपड़ियां, कंकाल के अवशेष और कपड़ों के टुकड़े मिले थे। यह घटना देश दुनिया में चर्चित हुई थी। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



