Rahul Gandhi: राहुल गांधी बोले-ये देशद्रोह है, कोई बच कर नहीं भाग पाएगा

Congress: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा है कि मेरे भारत के साथ जो किया गया है, वो देशद्रोह है। चाहे वो नरेंद्र मोदी हो, अमित शाह हो, ज्ञानेश कुमार हो या मोहन भागवत हो – कोई बच कर नहीं भाग पाएगा।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी धरना स्थल से हिरासत में लिए गए
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी को पुलिस ने करीब आठ घंटे बाद धरना स्थल, आकाशवाणी भवन परिसर से हिरासत में ले लिया। चुनाव प्रणाली में कथित अनियमितताओं के मामले को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के कई अन्य नेता आकाशवाणी परिसर में मंगलवार दोपहर से ही धरने पर बैठे थे। पुलिस रात करीब आठ बजे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस तथा कुछ सहयोगी दलों के नेताओं को हिरासत में लेकर उन्हें बस में बैठाकर ले गई। इससे पहले विपक्षी इंडिया गठबंधन के घटक दलों के सांसदों ने मंगलवार को संसद मार्ग से निर्वाचन आयोग मुख्यालय तक मार्च निकाला। हालांकि पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक दिया और कई सांसदों तथा नेताओं को हिरासत में ले लिया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी निर्वाचन आयोग के कार्यालय पहुंचने की कोशिश में आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश कर गए और एक पेड़ के नीचे बैठ गए थे। विपक्षी दलों की मांग है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाया जाए और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द किया जाए।

विपक्षी सांसदों से निर्वाचन आयुक्तों को मिलना पड़ेगा, हमारा धरना जारी रहेगा
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी के जरिये देश को हाईजैक करने का आरोप लगाया और कहा कि विपक्षी सांसदों से निर्वाचन आयुक्तों को मिलना पड़ेगा तथा इसके लिए वह अपना धरना जारी रखेंगे। चुनाव प्रणाली से जुड़ी कथित अनियमितता के खिलाफ आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, शाह, भागवत और ज्ञानेश कुमार ने देशद्रोह किया है तथा इनमें से कोई नहीं बचेगा और सबको कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा।

विपक्षी सांसदों के मार्च में दिखी जेन जी आंदोलन की झलक
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को निकाले गए विपक्षी सांसदों के मार्च में ‘जेन जी’ युवाओं के हालिया आंदोलन की भी झलक देखने को मिली। विशेष तौर पर सांसदों द्वारा लगाए गए पोस्टर पर लिखे नारों और कुछ महीने पहले जंतर-मंतर पर हुए युवाओं के विरोध प्रदर्शन के नारों में समानता दिखाई दी। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



