UP Politics: मायावती बोलीं, राजनीति को धर्म से और धर्म को राजनीति से दूर रखना चाहिए

UP News: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को कहा कि राजनीति को धर्म से और धर्म को राजनीति से दूर रखना चाहिए।
कहा, राजनीतिक लोगों का हस्तक्षेप बना विवाद का कारण
मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी किसी भी धर्म के पर्व, त्योहार, पूजापाठ, स्नान आदि में राजनीतिक लोगों का हस्तक्षेप एवं प्रभाव पिछले कुछ वर्षों से काफी बढ़ गया है, जो नए-नए विवाद, तनाव व संघर्ष आदि का कारण बन रहा है, यह सही नहीं है तथा इन सबको लेकर लोगों में दुख एवं चिंता की लहर स्वाभाविक है।
विवाद आपसी सहमति से जितना जल्द सुलझ जाए उतना बेहतर
वास्तव में संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ के लिए धर्म को राजनीति तथा राजनीति को धर्म से जोड़ने के कई खतरे हमेशा बने रहते हैं तथा प्रयागराज में स्नान आदि को लेकर चल रहा विवाद, एक-दूसरे का अनादर व आरोप-प्रत्यारोप इसका ताजा उदाहरण है। इससे हर हाल में जरूर बचा जाना ही बेहतर। वैसे भी देश का संविधान व कानून ईमानदारी से जनहित व जनकल्याणकारी कर्म को ही वास्तविक राष्ट्रीय धर्म मानकर राजनीति को धर्म से तथा धर्म को राजनीति से दूर रखता है, जिस पर सही नीयत व नीति से अमल हो, ताकि राजनेतागण अपना सही संवैधानिक दायित्व, बिना किसी द्वेष व पक्षपात के, सर्वसमाज के सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक हित में ईमानदारी व निष्ठापूर्वक निभा सकें, वर्तमान हालात में भी लोगों की यही अपेक्षा। अतः प्रयागराज में स्नान को लेकर चल रहा कड़वा विवाद आपसी सहमति से जितना जल्द सुलझ जाए उतना बेहतर।
उत्तर प्रदेश दिवस की दी शुभकामनाएं
इसके साथ ही, आज उत्तर प्रदेश दिवस की सभी लोगों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



