काम की बात

Online Fraud: जानें, कैसे और किन तरीकों से होती है ऑनलाइन ठगी, ऐसे बचें साइबर क्राइम से

Online Fraud: लालच बुरी बला है। यह सब जानते हैं फिर भी लोग लालच में आ जाते हैं। इसके चलवे वो ठगी का शिकार हो जाते हैं। आजकल त्योहार के चलते इस समय लोग खूब आनलाइन शापिंग कर रहे हैं। कई लोग अच्छे डील्स और डिस्काउंट के नाम पर जालसाजी का शिकार हो रहे हैं। फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सएप समेत कई इंटरनेट मीडिया अकाउंट के जरिए भी ग्राहकों को शिकार बनाया जा रहा है। स्कैमर लोगों को ठगने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। अमेजन, फ्लिपकार्ट, मीशो जैसे लोकप्रिय आनलाइन प्लेटफार्म के मेन नेम का फर्जी प्रारूप बनाकर ठगी कर रहे हैं। हाल के में में कई वेबसाइट से ठगी के मामले सामने आए हैं। फर्जी वेबसाइट पर डिस्काउंट दिखाकर लोगों को ठगी के जाल फंसाया जाता है। क्यूआर कोड के माध्यम से भी लोग फर्जी पेमेंट के जाल में फंस रहे हैं। इसलिए सावधानी बरतें, ताकि ठगी का शिकार ना हों।

साइबर ठगी (Cyber Crime) से ऐसे बचें
विश्वसनीय वेबसाइट से ही करें शापिंग
प्रतिष्ठित ई-कामर्स प्लेटफार्म की वेबसाइट से ही ऑनलाइन शापिंग करनी चाहिए, न कि किसी के द्वारा भेजे गए लिंक या एप्स से। भुगतान के समय पेमेंट गेटवे या बैंकिंग सिस्टम के बारे में जरूर अश्वस्त हो लें। फर्जी वेबसाइट पर री-डायरेक्ट करने वाले रैंडम पाप- अप या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।

बैंक खातों की निगरानी रखें
फेस्टिवल सीजन में खरीदारी से पहले और बाद में अपने बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट जरूर देखें। अनअथराइज ट्रांजैक्शन होने पर तुरंत बैंक को रिपोर्ट करना चाहिए।

फिशिंग ई-मेल या लिंक से बचें
स्कैमर स्पेशल डिस्काउंट और डील्स से संबंधित खूब ईमेल या मैसेज भेजते हैं, जो बिल्कुल वास्तविक से दिखते हैं, लेकिन ऐसे किसी लिंक पर क्लिक करने या अटैचमेंट को डाउनलोड करने से बचना चाहिए। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट या कस्टमर सर्विस हेल्पलाइन की मदद लेनी चाहिए।

मजबूत पासवर्ड रखें
आनलाइन शापिंग के लिए सभी अकाउंट का पासवर्ड मजबूत और यूनिक रखें। टू-फैक्टर आथेंटिकेशन को भी लागू करें, इससे अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है। अलग-अलग अकाउंट के लिए अलग-अलग पासवर्ड रखें।

डिवाइस और साफ्टवेयर अपडेट रखें
डिवाइस और साफ्टवेयर को अपडेट करने से सिक्योरिटी पैचेज इंस्टाल होते रहते हैं। निजी जानकारियों को सेंधमारी से बचाने के लिए यह जरूरी है। इससे ओएस, ब्राउजर और अन्य एप्लीकेशन सुरक्षित रहते हैं। साइबर ठगी होने पर 1930 नंबर पर शिकायत करें। इसके अलावा लालच में ना आएं। किसी पर आंख बंद कर विश्वास ना करें। सावधानी ही बचाव है। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button