Bihar Politics: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सम्राट सरकार पर साधा निशाना, पूछा-क्या बिहार दिवालिया होने के कगार पर है

Bihae News: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर बुधवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर निशाना साधा। तेजस्वी ने सवाल किया कि क्या बिहार दिवालिया होने के कगार पर है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, क्या बिहार दिवालिया होने के कगार पर है? क्या डबल इंजन सरकार की पूंजीपरस्त नीतियों और जनविरोधी निर्णयों से वित्तीय आपातकाल जैसी स्थिति उत्पन्न होने वाली है?
तेजस्वी यादव ने इस तरह कसा तंज
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर बुधवार को लिखा कि क्या बिहार दिवालिया होने के कगार पर है? क्या डबल इंजन सरकार की पूंजीपरस्त नीतियों और जनविरोधी निर्णयों से वित्तीय आपातकाल की स्थिति उत्पन्न होने वाली है? बिहार का वित्तीय संकट इतना गंभीर हो चुका है कि कल बिहार कैबिनेट ने मई, जून और जुलाई 𝟐𝟎𝟐𝟔 की सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से 𝟑,𝟔𝟔𝟐 करोड़ रुपये निकालने की स्वीकृति प्रदान की है।
अब पेंशन देने के लिए आकस्मिकता निधि का उपयोग होने लगा
उनके मुताबिक, आकस्मिकता निधि का उपयोग सरकार द्वारा किसी भी अप्रत्याशित संकट, प्राकृतिक आपदा या वित्तीय विपत्ति के समय जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाता है। जिस प्रदेश में अब पेंशन देने के लिए आकस्मिकता निधि का उपयोग होने लगे तो समझ जाइए कि हालात कितने खराब और खतरनाक हो चुके है। छह महीनों से हम निरंतर कह रहे है और सर्वविदित भी है कि चार-पांच महीनों से बिहार में कर्मचारियों के वेतन और पेंशन संबंधित भुगतान नहीं हो रहा है क्योंकि खजाना खाली है। एक वर्ष से अधिक समय बीतने पर भी ठेकेदारों का भुगतान नहीं हुआ है।
𝟐𝟎𝟐𝟑-𝟐𝟒 में स्वीकृत कार्य योजनाओं का अभी तक कार्यारंभ नहीं हुआ
नए प्रोजेक्ट तो दूर 𝟐𝟎𝟐𝟑-𝟐𝟒 में स्वीकृत कार्य योजनाओं का अभी तक कार्यारंभ नहीं हुआ है? 𝟐𝟎𝟐𝟓 और 𝟐𝟎𝟐𝟔 में बिना सोचे समझे की गयी घोषणाओं का तो जिक्र ही छोड़ दीजिए। बिजली में भारी कटौती की जा रही है। छात्रवृति का पैसा नहीं दिया जा रहा। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना ठप्प है। फंड की कमी के कारण कल कैबिनेट में पूर्व से चली आ रही “बिहार राज्य फ़सल सहायता योजना” को भी बंद कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री पर साधा निशाना
बिहार के वित्तीय हालत चिंताजनक है। नियमित बजटीय प्रावधान की बजाय आकस्मिकता निधि से तीन हजार छह सौ बासठ करोड़ रुपये की निकासी कर उस निधि से पेंशन देने जैसे निर्णय पर मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए कि दशकों से डबल इंजन सरकार होते हुए ऐसी नौबत क्यों आई? नौसिखिए मुख्यमंत्री को गैर जरूरी मुद्दों को हवा देने की बजाय अविलंब प्रदेश की दयनीय वित्तीय स्थिति को लेकर चिंतित, भयभीत और आशंकित बिहारवासियों को संबोधित करना चाहिए। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



