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Raksha Bandhan: रक्षाबंधन पर राखी बांधने का ये है शुभ मुहूर्त

रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस वर्ष श्रावण शुक्ल पूर्णिमा 19 अगस्त को है। अतः रक्षाबंधन इसी दिन भद्रा से रहित काल में 1.24 बजे से मनाया जाएगा। भाइयों की कलाई पर बहनें स्नेह का धागा बांधेंगी। पूर्णिमा 18 अगस्त की रात 2.18 बजे से आरंभ होकर 19 अगस्त की मध्य रात्रि 12.29 बजे तक रहेगी। पूर्णिमा तिथि आरंभ के साथ भद्रा शुरू हो जाता है, जो पूर्णिमा के अर्धभाग तक रहता है। इसमें रक्षाबंधन पूर्णतया शास्त्र विरुद्ध है। इस वर्ष 18 अगस्त की रात्रि 2.18 बजे से 19 अगस्त के दोपहर 1.24 बजे तक भद्रा रहेगा। अतः 19 तारीख को ही भद्रा की समाप्ति के बाद दोपहर 1.24 बजे के उपरांत रात्रिपर्यंत रक्षाबंधन का विधान किया जा सकता है। अतः 19 अगस्त को दोपहर 1.24 बजे के बाद रक्षाबंधन पर्व मनाया जाना धर्मशास्त्र के अनुकूल है। रक्षाबंधन को लेकर कथा है कि सतयुग में देव व दानवों में कई वर्षों तक तक युद्ध चला। इस दौरान दानव बार-बार हारते गए। देव गुरु बृहस्पति के आदेश पर इंद्राणियों ने इंद्र को रक्षा सूत्र बांधा। इसके प्रभाव से देवराज इंद्र ने दानवों का संहार किया और देवों को विजय मिली। यह तिथि श्रावण पूर्णिमा थी। उसी समय से सनातन धर्म में रक्षाबंधन पर्व मनाने की परंपरा शुरू हुई। तिथि विशेष पर बहनें भाइयों और पुरोहित यजमानों को रक्षासूत्र बांधते हैं।
रक्षा सूत्र बांधने का मंत्र :
येन बद्धो बली राजा दानवेंद्रों महाबल:।
तेनत्वां बद्धनामि रक्षे माचल माचल।।



