Parliament Winter Session: चीन के साथ संबंधों के विकास के लिए सीमा पर शांति जरूरी: विदेश मंत्री

भारत (Bharat) के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कुछ सप्ताह पहले चीन के साथ तनाव कम करने के लिए हुए समझौते के बारे में मंगलवार को लोकसभा को सूचित किया और कहा कि इस सरकार का रुख स्पष्ट है कि बीजिंग के साथ संबंधों के विकास के लिए सीमा पर शांति जरूरी है।
आर्थिक फैसलों के दौरान ‘राष्ट्रीय सुरक्षा की शर्त’ पर भी हो विचार
विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने चीन द्वारा अपनाई जा रही आक्रामक व्यापार प्रथाओं को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच सोमवार को कहा कि निवेश समेत आर्थिक निर्णयों के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा की शर्त को भी ध्यान में रखने की आवश्यकता है।यह पसंद हो या नहीं, हम तेजी से शस्त्रीकरण के युग में नहीं बल्कि (सुविज्ञ निर्णयों का) लाभ उठाने के युग में हैं। इसलिए, नीति निर्माताओं को निवेश सहित आर्थिक निर्णयों के मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखना होगा।
जयशंकर ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) पार्टनरशिप समिट 2024 में कहा कि यह प्रवृत्ति दुनिया भर में है और यदि हम इसे नजरअंदाज करेंगे तो यह हमारे लिए ही खतरा होगा। व्यापार में सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि दुनिया में वाणिज्य और आपूर्ति श्रृंखला की प्रकृति ऐसी है कि पारंपरिक सावधानियां हमेशा पर्याप्त नहीं होती हैं। तेजी से बढ़ने के लिए विश्वसनीय भागीदारों के साथ सहयोग की आवश्यकता होगी। और यह वही है जिसे हम शुरुआत के रूप में देखते हैं।
जयशंकर ने अमेरिक के राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल और भारत के लिए इससे जुड़े निहितार्थों पर कहा कि अमेरिका के साथ भारत का रणनीतिक तालमेल समय के साथ और गहरा हुआ है, जो कई सहयोगी अवसर प्रदान करता है।दूसरे ट्रंप प्रशासन का आगमन भी स्पष्ट रूप से व्यापारिक हलकों में एक प्रमुख विचारणीय विषय है। जाहिर है, एकमात्र सुरक्षित भविष्यवाणी एक हद तक अप्रत्याशित ही है। (भाषा)



