UPI: यूपीआई के बड़े व्यापारिक भुगतान पर लगेगा 0.4 प्रतिशत शुल्क, 15 अक्टूबर से होगा लागू; कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना

MDR: सरकार ने मंगलवार को बड़े डिजिटल भुगतान के लिए जारी नई व्यवस्था के तहत 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पाने पर व्यापारियों से 0.4 प्रतिशत का एमडीआर शुल्क लेना तय किया। इसमें 75,000 रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर अधिकतम शुल्क 300 रुपये होगा। इसके साथ जनवरी, 2020 से लागू शून्य-एमडीआर व्यवस्था समाप्त हो गई है। इस व्यवस्था को डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए लागू किया गया था, लेकिन बैंक और वित्तीय-प्रौद्योगिकी (फिनटेक) कंपनियां लंबे समय से इस पर सवाल उठा रही थीं। वहीं, कांग्रेस ने इस मामले पर सरकार पर निशाना साधा है।
यूपीआई व्यापारी भुगतान पर शुल्क को लेकर बैंकों की समिति जल्द लेगी निर्णय
व्यापारियों को 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर लगाए जाने वाले शुल्क पर बैंकों, सेवा प्रदाताओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की एक समिति जल्द फैसला करेगी। यूपीआई एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी में भारतीय बैंक संघ (आईबीए) और पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) सहित 22 सदस्य शामिल हैं।
कांग्रेस ने कहा, यूपीआई लेनदेन पर लगा मोदी टैक्स, प्रधानमंत्री ने अमेरिकी दबाव में किया समर्पण
कांग्रेस ने यूपीआई लेनदेन पर शुल्क को मंगलवार को मोदी टैक्स करार दिया और आरोप लगाया कि कंप्रोमाइज्ड (समझौता कर चुके) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यापार समझौते की तरह इस मामले में भी अमेरिका के सामने समर्पण कर दिया है। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने यह दावा भी किया कि 2,000 रुपये से अधिक के व्यापारिक यूपीआई लेनदेन की संख्या भले ही करीब पांच प्रतिशत हो, लेकिन यूपीआई के कुल लेनदेन मूल्य में इनकी हिस्सेदारी करीब 65 प्रतिशत है तथा उसका बोझ अंततः कीमतों में बढ़ोतरी के जरिये ग्राहकों की जेब पर ही पड़ेगा।
भाजपा ने कहा, कांग्रेस की झूठ की दुकान
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर यूपीआई लेनदेन शुल्क के बारे में फर्जी खबर फैलाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा कि सरकार ने यह बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि लोगों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क नहीं लगाया जाएगा। यह घटनाक्रम उस वक्त हुआ, जब कांग्रेस ने यूपीआई लेनदेन पर जारी अधिसूचना को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



