IPS Puran Suicide Case: हरियाणा के आईपीएस पूरन की आत्महत्या के मामले में एनसीएससी ने मांगी कार्रवाई रिपोर्ट

IPS Suicide Case: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले में बृहस्पतिवार को राज्य के मुख्य सचिव से सात दिन के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। इस अधिकारी ने अपने अतिम नोट में जाति आधारित भेदभाव का आरोप लगाया था। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी वाई पूरन कुमार ने मंगलवार को अपने चंडीगढ़ स्थित आवास पर कथित तौर पर गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। उनकी मौत के बाद बरामद एक अंतिम नोट में राज्य के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के नाम और पिछले कुछ वर्षों में उनके द्वारा कथित तौर पर झेले गए मानसिक उत्पीड़न और अपमान का विवरण दिया गया है।
चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा के आईपीएस अधिकारी की आत्महत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज की
चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले में मृतक द्वारा छोड़े गए अंतिम नोट में उल्लेखित आरोपियों के खिलाफ बृहस्पतिवार को प्राथमिकी दर्ज की। बृहस्पतिवार को यहां जारी एक सरकारी बयान में यह जानकारी दी गई। सूत्रों का कहना है कि हरियाणा पुलिस के अधिकारी वाई पूरन कुमार ने एक अंतिम नोट छोड़ा है, जिसमें राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के नाम हैं। कुमार ने इस नोट में यह बात विस्तार से लिखी है कि पिछले कुछ वर्षों में कैसे उन्होंने कथित तौर पर मानसिक उत्पीड़न और अपमान झेला है।
कांग्रेस ने की हरियाणा के आईपीएस अधिकारी की आत्महत्या मामले में निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस ने हरियाणा के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी वाई पूरन कुमार की कथित आत्महत्या मामले में निष्पक्ष जांच किए जाने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आत्महत्या मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए और किसी भी निर्दोष को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में न्याय सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और इतने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की आत्महत्या एक दुखद घटना है। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



