MGNREGA: कांग्रेस शुरू करेगी मनरेगा बचाओ संग्राम, वीजी जी राम जी का विरोध

VGGRAMG: कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि वह आगामी आठ जनवरी से मनरेगा बचाओ संग्राम की शुरुआत करेगी, जिसके तहत ग्राम स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक कई कार्यक्रम करने के साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों में चार बड़ी सभाएं आयोजित की जाएंगी। पार्टी का कहना है कि उसके इस संग्राम का मकसद यह है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) बहाल हो और नए कानून को वापस लिया जाए।
ये मांगें की
कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस तीन मांगें करती हैः
1. वीजी जीरामजी कानून वापस लिया जाए
2. मनरेगा को अधिकार आधारित कानून के तौर पर बहाल किया जाए
3. काम के अधिकार और पंचायतों के अधिकार को बहाल किया जाए
इसलिए शुरू किया संग्राम
इसीलिए हमने देशव्यापी मनरेगा बचाओ संग्राम शुरू किया है। मनरेगा कोई चैरिटी नहीं है। यह एक कानूनी गारंटी है। करोड़ों सबसे गरीब लोगों को उनके अपने गांवों में काम मिला, भूख और मजबूरी में पलायन कम हुआ, ग्रामीण मजदूरी बढ़ी, और महिलाओं की आर्थिक गरिमा मजबूत हुई।
इसलिए हो रहा विरोध
वीजी जी रामजी इस अधिकार को खत्म करने के लिए बनाया गया है। कांग्रेस इसका कड़ा विरोध करती है क्योंकि
-काम अब गारंटी वाला अधिकार नहीं रहेगा, बल्कि चुनी हुई पंचायतों में सिर्फ़ एक अनुमति होगी।
-बजट सीमित कर दिया जाएगा, इसलिए संकट के समय भी पैसा खत्म होने पर काम बंद हो जाएगा।
-दिल्ली फंड और काम तय करेगी, जिससे ग्राम सभाएं और पंचायतें बेकार हो जाएंगी।
-60 दिन के काम के ब्लैकआउट से सबसे ज़्यादा ज़रूरत के समय काम न देने को कानूनी मान्यता मिल जाएगी।
-मजदूरी एक सुरक्षित हक होने के बजाय अनिश्चित और कम की जा सकेगी।
-राज्यों को 40 प्रतिशत फंड देने के लिए मजबूर किया जाएगा, जिससे संघवाद कमज़ोर होगा और गरीब राज्यों को नुकसान होगा।
-टेक्नोलॉजी बायोमेट्रिक और ऐप आधारित रुकावटों के ज़रिए मज़दूरों को बाहर कर देगी।
-गांव की संपत्तियों की जगह ठेकेदार शैली की परियोजनाएं ले लेंगी।
मनरेगा पर हमला करना करोड़ों मज़दूरों और उनके संवैधानिक अधिकारों पर हमला करना है। हम हर पंचायत से लेकर संसद तक, शांतिपूर्वक तरीके और मजबूती से इसका विरोध करेंगे। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



