Manoj Kumar Last Rites: भारत की बात सुनाने वाले मनोज कुमार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

Manoj Kumar: उपकार और क्रांति जैसी फिल्मों में देशभक्त नायक की भूमिका निभाकर भारत कुमार के नाम से मशहूर हुए अभिनेता मनोज कुमार का शनिवार को मुंबई में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पूरब और पश्चिम, रोटी, कपड़ा और मकान जैसी फिल्मों में उदीयमान भारत के आक्रोश और आकांक्षाओं को मूर्त रूप देने वाले अभिनेता मनोज कुमार का शुक्रवार सुबह मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 87 वर्ष के थे। मनोज कुमार पूरब और पश्चिम में भारत की बात सुनाने वाले गीत को लेकर काफी चर्चित हुए थे।

जानें, कौन थे मनोज कुमार
मनोज कुमार का जन्म ब्रिटिश भारत यानी मौजूदा समय में जिसे खैबर पख्तूनख्वा , पाकिस्तान कहते हैं के उत्तर-पश्चिमी प्रांत के एक शहर एबटाबाद में एक पंजाबी हिंदू ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनका जन्म का नाम हरिकृष्ण गिरि गोस्वामी है। जब वह 10 साल के थे, तो उनका परिवार बटवारे के कारण जंडियाला शेर खान से दिल्ली आ गया। पूरब और पश्चिम फिल्म का गीत भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात सुनाता हूं आज भी सभी की जुबां पर हैं। उन्हें दो बदन, हरियाली और रास्ता और गुमनाम जैसी हिट फिल्मों के लिए भी जाना जाता था।
शहीद, उपकार, क्रांति जैसी फिल्मों ने मनोज कुमार के करियर को किया परिभाषित
सिनेमा के दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार ने अपने करियर की शुरुआत रोमांटिक और थ्रिलर फिल्मों से की थी, लेकिन देशभक्ति विषय पर आधारित फिल्मों की ओर उनका रुझान उन्हें वास्तव में अमर बना गया।
मनोज कुमार की सुपरहिट फिल्मों के सदाबाहर गीत
मनोज कुमार की सिनेमाई विरासत का आधार केवल उनके अभिनय और उनके निर्देशन वाली फिल्में ही नहीं हैं, बल्कि कई मधुर गीत भी हैं जो उनकी फिल्मों के अभिन्न हिस्सा हैं। फिर चाहे बात हताशा की हो या खुशी या फिर देशभक्ति की, मनोज कुमार की फिल्मों के गीत आपके मन को मोह ही लेंगे।
एबटाबाद में बसने से पहले मनोज कुमार के पूर्वज मथुरा में ही रहते थ
दादासाहेब फाल्के अवार्ड प्राप्त दिग्गज फिल्म अभिनेता मनोज कुमार का मूल गांव उत्तर प्रदेश में मथुरा के मांट क्षेत्र में था और लगभग सात सौ वर्ष पहले एबटाबाद में (अब पाकिस्तान में) बसने से पहले उनके पूर्वज मथुरा जिले में ही रहते थे। यह दावा स्वयं मनोज कुमार ने ही एक बार वृंदावन में आयोजित होने वाले संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास संगीत एवं नृत्य समारोह का उद्धाटन करने के अवसर पर किया था।

मनोज कुमार और दिलीप कुमार की दोस्ती को शब्दों में बयां करना नामुमकिन है: सायरा बानो
अभिनेत्री सायरा बानो ने कहा कि मनोज कुमार और दिलीप कुमार की दोस्ती को शब्दों में बयां करना नामुमकिन है। उन्होंने कहा कि दोनों दोस्त काम से परे रसोई में साथ मिलकर ऑमलेट बनाते, एक-दूसरे के साथ खाने की रेसिपी साझा करते और फिल्मों और कहानियों के बारे में चर्चा करते थे।
मनोज कुमार प्रतिभाशाली थे, उनमें खलनायकों को सकारात्मक भूमिका देने का साहस था: प्रेम चोपड़ा
अभिनेता प्रेम चोपड़ा का कहना है कि वह हमेशा दिवंगत मनोज कुमार के ऋणी रहेंगे क्योंकि उन्होंने ही फिल्म शहीद में सकारात्मक भूमिका निभाने को लेकर उन पर भरोसा जताया था। (भाषा)



