Tariff War: डोनाल्ड ट्रंप बोले, भारत शुल्क में कटौती करने पर सहमत, कांग्रेस ने कहा-ट्रंप की बात सही तो कुचल जाएगी भारतीय अर्थव्यवस्था

Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत अपने शुल्क में पर्याप्त’ कटौती करने के लिए सहमत हो गया है, क्योंकि भारत अमेरिका पर बहुत अधिक शुल्क लगाता है, जिससे वहां उत्पाद बेचना मुश्किल हो जाता है। ट्रंप ने शुक्रवार को ओवल ऑफिस (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक कार्यालय) से दिए बयान में कहा कि आर्थिक, वित्तीय और व्यापारिक दृष्टिकोण से हमारे देश को दुनिया के लगभग हर देश ने पूरी तरह से ठगा है।
कहा, भारत हम पर बहुत ज्यादा शुल्क लगाता है
उन्होंने कहा कि कनाडा, मेक्सिको और फिर आप सीधे लाइन में चले जाइए। भारत हम पर बहुत ज्यादा शुल्क लगाता है, बहुत ज्यादा। आप भारत में कुछ भी नहीं बेच सकते। यह लगभग प्रतिबंधात्मक है। यह प्रतिबंधात्मक है। हम अंदर बहुत कम व्यापार करते हैं। ट्रंप ने कहा कि वैसे, वे इस बात पर सहमत हो गए हैं कि अब वे अपने शुल्क में कटौती करना चाहते हैं, क्योंकि अब कोई तो उनके किए की पोल खोल रहा है। उन्होंने कहा कि चीन के साथ भी यही बात है। अन्य कई देशों के साथ भी यही बात है, तथा यूरोपीय संघ इस देश का बहुत ज्यादा दुरुपयोग कर रहा है।
ट्रंप ने इस सप्ताह तीसरी बार भारत द्वारा लगाए गए उच्च शुल्क की आलोचना की
ट्रंप की यह टिप्पणी उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की उनके अमेरिकी समकक्ष हॉवर्ड लुटनिक के साथ व्यापार वार्ता के लिए अमेरिका यात्रा के बाद आई है। ट्रंप ने इस सप्ताह तीसरी बार भारत द्वारा लगाए गए उच्च शुल्क की आलोचना की है।इससे पहले बृहस्पतिवार को ट्रंप ने कहा कि भारत बहुत उच्च शुल्क वाला देश है और उन्होंने दोहराया कि अमेरिकी वस्तुओं पर शुल्क लगाने वाले देशों पर जवाबी शुल्क दो अप्रैल से लागू होंगे। मंगलवार को कांग्रेस के संयुक्त सत्र में ट्रंप ने भारत और अन्य देशों द्वारा लगाए गए उच्च शुल्क की आलोचना की और उन्हें बहुत अनुचित करार दिया। यह ट्रंप के दूसरे कार्यकाल का कांग्रेस में पहला संयुक्त सत्र था।
ट्रंप की बात सही तो भारतीय अर्थव्यवस्था कुचल जाएगी, संसद को विश्वास में लें प्रधानमंत्री: कांग्रेस
कांग्रेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान को लेकर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और कहा कि उन्हें 10 मार्च से शुरू हो रहे बजट सत्र के दूसरे चरण में टैरिफ (शुल्क) के विषय पर संसद को विश्वास में लेना चाहिए।मुख्य विपक्षी दल ने यह दावा भी किया कि यदि ट्रंप की बात सही है तो यह मोदी सरकार का आत्मसमर्पण है और इससे भारत की अर्थव्यवस्था अधिक कुचल जाएगी। (भाषा)



