Delhi Assembly Election 2025: दिल्ली में बजा चुनावी बिगुल, पांच फरवरी को मतदान और आठ को होगी मतगणना

Delhi Assembly Election: देश की राजधानी दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए पांच फरवरी को मतदान होगा जबकि मतों की गिनती तीन दिन बाद आठ फरवरी को की जाएगी। निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को यहां चुनाव की तारीखों का ऐलान किया। दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी को समाप्त हो रहा है। दिल्ली में विधानसभा की 70 सीटें हैं जिसमें से 58 सामान्य श्रेणी की जबकि 12 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं।
दिल्ली में कुल 1.55 करोड़ पंजीकृत मतदाता
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि दिल्ली में कुल 1.55 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं और इनमें 83.49 लाख पुरुष तथा 71.74 लाख महिलाएं हैं। उन्होंने बताया कि युवा मतदाताओं (20 से 21 वर्ष के) की संख्या 28.89 लाख है जबकि पहली बार मतदान के पात्र युवाओं की संख्या 2.08 लाख है। कुमार ने बताया कि राजधानी के 2697 स्थानों पर कुल 13,033 मतदान केंद्र होंगे और इनमें से 210 मॉडल मतदान केंद्र होंगे।
राजधानी दिल्ली में आप, भाजपा और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला
उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारियों के सिलसिले में विभिन्न कानून अनुपालन एजेंसियों के साथ व्यापक चर्चा की गई है, जिसमें सुरक्षा से जुड़े आयाम भी शामिल हैं। राजधानी दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। दिल्ली विधानसभा में बहुमत के लिए 36 विधायकों की आवश्यकता है।
2020 में आप ने भारी बहुमत से दर्ज की थी जीत
साल 2020 के विधानसभा चुनाव के तहत आठ फरवरी को मतदान संपन्न हुआ था, जबकि मतगणना 11 फरवरी को हुई थी। इस चुनाव में आप ने सभी 70 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिसमें से 62 ने जीत दर्ज की थी। इस प्रकार आप ने भारी बहुमत से जीत दर्ज कर सरकार बनाई थी। इस चुनाव में भाजपा ने 67 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और उसे महज आठ ही सीट पर सफलता मिल सकी। कांग्रेस सहित अन्य दलों का खाता भी नहीं खुल सका था।
2015 के विधानसभा चुनाव में भी आप ने प्रचंड बहुमत हासिल किया था
इससे पहले साल 2015 के विधानसभा चुनाव में भी आप ने प्रचंड बहुमत हासिल किया था। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में पार्टी को 70 में से 67 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। भाजपा को महज तीन सीटों से ही संतोष करना पड़ा था, जबकि कांग्रेस और अन्य दलों का खाता तक नहीं खुला था। साल 2014 से अब तक हुए तीनों लोकसभा चुनावों में भाजपा ने दिल्ली की सभी सात सीटों पर कब्जा जमाया हुआ है। (भाषा)



