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Utkarsh Odisha Conclave: कच्चे माल का निर्यात स्वीकार्य नहीं, मूल्यवर्धन देश में ही हो: नरेंद्र मोदी

Utkarsh Odisha Conclave In Bhubaneswar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में कहा कि वह कच्चे माल का निर्यात और तैयार उत्पादों का देश में आयात स्वीकार नहीं कर सकते। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मूल्यवर्धन देश में ही होना चाहिए। भुवनेश्वर में उत्कर्ष ओडिशा, मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव का उद्घाटन करते हुए मोदी ने कहा कि वह पूर्वी भारत को देश के विकास का इंजन मानते हैं और राज्य इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

करोड़ों लोगों की आकांक्षाएं विकास के पथ पर आगे बढ़ा रही हैं भारत को
प्रधानमंत्री ने कहा कि केवल कच्चे माल के निर्यात से देश का विकास संभव नहीं है। इसलिए हम पूरे परिवेश को बदल रहे हैं और नए दृष्टिकोण के साथ काम कर रहे हैं। खनिजों को यहां निकाला जाता है और उन्हें किसी अन्य देश में निर्यात किया जाता है, जहां उनका मूल्यवर्धन किया जाता है और नए उत्पाद बनाए जाते हैं। इन तैयार उत्पादों को फिर भारत वापस भेज दिया जाता है। मोदी को यह स्वीकार्य नहीं है। करोड़ों लोगों की आकांक्षाएं भारत को विकास के पथ पर आगे बढ़ा रही हैं। आज भारत करोड़ों लोगों की आकांक्षाओं से प्रेरित होकर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। यह एआई (कृत्रिम मेधा) का युग है और हर कोई इसके बारे में बात कर रहा है। हालांकि, सिर्फ एआई नहीं, बल्कि भारत की आकांक्षाएं हमारे देश की शक्ति हैं। आकांक्षाएं तब बढ़ती हैं जब लोगों की जरूरतें पूरी होती हैं। पिछले दशक में देश ने करोड़ों लोगों को सशक्त बनाने का लाभ देखा है। ओडिशा भी उसी आकांक्षा का प्रतिनिधित्व करता है।

ओडिशा में हैं अवसर
प्रधानमंत्री ने कहा कि ओडिशा उत्कृष्ट है और नए भारत की मौलिकता और आशावाद का प्रतिनिधित्व करता है। ओडिशा में अवसर हैं और यहां के लोगों ने बेहतर प्रदर्शन करने की भावना प्रदर्शित की है। 21वीं सदी कनेक्टेड इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी की सदी है। भारत अभूतपूर्व गति से और व्यापक स्तर पर विशेष बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है। यह भारत को निवेश के लिए एक बेहतरीन गंतव्य बनाएगा। आसियान देशों ने ओडिशा के साथ व्यापार संबंधों को मजबूत करने में रुचि दिखाई है। मैं पूर्वी भारत को देश के विकास का इंजन मानता हूं और इसमें ओडिशा की महत्वपूर्ण भूमिका है। इतिहास बताता है कि जब भारत ने वैश्विक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया, तो पूर्वी भारत का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहा।

ओडिशा बहुत जल्द विकास की उन ऊंचाइयों को छुएगा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि ओडिशा बहुत जल्द विकास की उन ऊंचाइयों को छुएगा, जिसकी किसी ने कभी कल्पना भी नहीं की होगी। मुझे खुशी है कि मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी का पूरा दल राज्य के विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। अनुसंधान एवं नवोन्मेषण समय की मांग हैं। सरकार अनुसंधान के लिए एक जीवंत परिवेश बनाने के लिए काम कर रही है और इसके लिए एक विशेष कोष भी बनाया गया है। उद्योगों को आगे आकर सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहिए।

राज्य में पर्यटन की अपार संभावनाएं
राज्य के लंबे तट का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां पुराने बंदरगाहों का विकास किया जा रहा है और नए बंदरगाहों का निर्माण हो रहा है। राज्य में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। आज भारत में शादी करने, भारत में इलाज कराने पर जोर है। इस जगह की प्राकृतिक सुंदरता इसके लिए अनुकूल है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि दो दिन के इस सम्मेलन में बड़े उद्योगपतियों सहित करीब 7,500 कारोबारी प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है। उद्घाटन समारोह में वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला और जिंदल स्टील एंड पावर के चेयरमैन नवीन जिंदल मौजूद थे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

मेक इन ओडिशा प्रदर्शनी का उद्घाटन
प्रधानमंत्री ने मेक इन ओडिशा प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया, जिसमें जीवंत औद्योगिक परिवेश विकसित करने में राज्य की उपलब्धियों को दिखाया गया है। बयान में कहा गया, यह सम्मेलन उद्योग जगत की हस्तियों, निवेशकों और नीति निर्माताओं के लिए एक पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में ओडिशा द्वारा प्रदान किए जाने वाले अवसरों पर चर्चा करने को एक मंच के रूप में काम करेगा। इस सम्मेलन में मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) और कारोबार जगत के दिग्गज लोगों के साथ गोलमेज चर्चा और क्षेत्रवार सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। (भाषा)

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