Joymalya Bagchi: कौन हैं न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में ली शपथ

Supreme Court: भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) संजीव खन्ना ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश जॉयमाल्या बागची को सोमवार को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई। प्रधान न्यायाधीश ने शीर्ष अदालत के परिसर में आयोजित एक समारोह में उच्चतम न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों की उपस्थिति में न्यायमूर्ति बागची को शपथ दिलाई।
न्यायमूर्ति बागची का शीर्ष अदालत में छह वर्ष से अधिक का होगा कार्यकाल
न्यायमूर्ति बागची के शपथ ग्रहण करने के साथ ही शीर्ष अदालत में 33 न्यायाधीश हो गए हैं। उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 है। न्यायमूर्ति बागची का शीर्ष अदालत में कार्यकाल छह वर्ष से अधिक का होगा और इस दौरान वह प्रधान न्यायाधीश के रूप में भी कार्यभार संभालेंगे।
कलकत्ता उच्च न्यायालय में न्यायाधीश रह चुके हैं न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची
न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची कलकत्ता उच्च न्यायालय में न्यायाधीश रह चुके हैं। वे कानूनी मामलों में 30 से ज्यादा वर्षों का अनुभव रखते हैं और कई ऐतिहासिक फैसलों में शामिल रहे हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई पश्चिम बंगाल में पूरी की और फिर 1991 में वकालत की शुरुआत की।
2011 में कलकत्ता हाईकोर्ट के बने थे जज
2011 में वे कलकत्ता हाईकोर्ट के जज बने, फिर 2021 में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में ट्रांसफर हुए और बाद में उसी साल फिर से कलकत्ता हाईकोर्ट लौट आए। छह मार्च 2024 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनकी नियुक्ति की सिफारिश की थी, जिसे केंद्र सरकार ने 11 मार्च 2024 को मंजूरी दी। (भाषा)



