Fraud: मुनाफे का लालच देकर 45 लोगों से तीन करोड़ की ठगी के आरोप में सहकारी समिति का प्रमुख गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने मंगलवार को कहा कि उसने एक सहकारी समिति के अध्यक्ष को निवेश पर उच्च ‘रिटर्न (लाभ)’ का झांसा देकर 45 लोगों से तीन करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया।
ठगी के पैसे का इस्तेमाल अपने निजी लाभ के लिए किया
पुलिस उपायुक्त (ईओडब्ल्यू) विक्रम के. पोरवाल ने कहा कि आरोपी विनय कुमार मिश्रा ने धोखाधड़ी और बेईमानी से पीड़ितों को भविष्य में अधिक लाभ दिलाने का आश्वासन देकर विभिन्न योजनाओं में अपना पैसा निवेश करने के लिए प्रेरित किया। जनता से जमा राशि प्राप्त करने के बाद मिश्रा ने ठगी के पैसे का इस्तेमाल अपने निजी लाभ के लिए किया। आरोपी का निशाना दिहाड़ी मजदूर थे और उसने ऐसे लोगों को आकर्षक तस्वीरें दिखाकर उन्हें ऊंची ‘रिटर्न’ दिलाने का लालच दिया और कई लोगों से 3.05 करोड़ रुपये की ठगी की। 45 लोग पहले ही उसके खिलाफ शिकायत लेकर आ चुके हैं और पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है। यह मामला तब सामने आया, जब मई में कुछ निवेशकों ने ईओडब्ल्यू से संपर्क किया। ईओडब्ल्यू की एक टीम ने पिछले सप्ताह उसे पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी से गिरफ्तार किया था।
खुद की सहकारी समिति शुरू की
बिहार के मुजफ्फरपुर के मूल निवासी मिश्रा एक कंपनी में शाखा प्रभारी के रूप में काम करता था, जो योजनाओं में निवेश के बहाने लोगों से जमा राशि लेता था। कंपनी में अपने कार्यकाल के बाद, उसने अपनी खुद की सहकारी समिति शुरू की। ‘मिथिला को-ऑपरेटिव थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट सोसाइटी’ के अध्यक्ष के तौर पर मिश्रा ने लोगों से करोड़ों रुपये ठगने शुरू कर दिए। (भाषा)



