IPS Puran Suicide Case: आईपीएस पूरन आत्महत्या मामले में मायावती बोलीं, जातिवाद का दंश रोक पाने में सरकार नाकाम

IPS Suicide Case: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख और उत्तर प्रदेश प्रदेश की पूर्व सीएम मायावती ने शनिवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि हरियाणा में आईजी रैंक के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वाई पूरन कुमार, जिनकी पत्नी भी स्वयं हरियाणा की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं, द्वारा जातिवादी शोषण व प्रताड़ना के कारण की गई आत्महत्या की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। खासकर दलित व बहुजन समाज के लोग काफी उद्वेलित हैं। यह अति-दुखद व अति-गंभीर घटना खासकर एक सभ्य सरकार के लिए शर्मनाक है और यह साबित करती है कि लाख दावों के बावजूद जातिवाद का दंश कितना अधिक खासकर शासन-प्रशासन में हावी है और सरकारें इसको रोक पाने में विफल साबित हो रही हैं।
मामले की निष्पक्ष जांच हो
वैसे यह सब सरकार की नीयत व नीति की बात ज्यादा है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की समयबद्ध स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच होना चाहिए और इसके लिए दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, ताकि सभ्य समाज को शर्मिंदा करने वाली ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा कहीं ना होने पाएं।
कहा, जांच के नाम पर खानापूर्ति भी नहीं होनी चाहिए
हरियाणा सरकार इस घटना को पूरी संवेदनशीलता एवं गंभीरता से ले तथा इसकी भी लीपापोती करने का प्रयास ना करे तो यह उचित होगा। जांच के नाम पर खानापूर्ति भी नहीं होनी चाहिए, जैसा कि आरोप लगने शुरू हो गए हैं। माननीय सुप्रीम कोर्ट व केंद्र सरकार भी इस घटना का उचित संज्ञान ले, तो यह बेहतर।ऐसी घटनाओं से खासकर उन लोगों को जरूर सीख लेनी चाहिए, जो एससी, एसटी व ओबीसी आरक्षण को आर्थिक स्थिति से जोड़ कर क्रीमी लेयर की बात करते हैं, क्योंकि धन व पद पा लेने के बाद भी जातिवाद उनका पीछा नहीं छोड़ता है और हर स्तर पर जातिवादी शोषण, अत्याचार व उत्पीड़न लगातार जारी रहता है, जिसकी ताजा मिसाल हरियाणा की वर्तमान घटना है। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



