Interest Rate: अदालत को ब्याज दर निर्धारित करने का अधिकार: उच्चतम न्यायालय

Supreme Court News: उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि अदालतें ब्याज की दर निर्धारित करने और यह निर्णय लेने के लिए अधिकृत हैं कि ब्याज मुकदमा दायर करने की तारीख से, उससे पहले की अवधि से या आदेश की तारीख से देय है, जो प्रत्येक मामले के तथ्यों पर निर्भर करता है।
52 साल से चल रही कानूनी लड़ाई समाप्त
न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने यह टिप्पणी उस फैसले में की, जिससे राज्य सरकार को हस्तांतरित शेयरों के मूल्यांकन को लेकर आई के मर्चेंट्स प्राइवेट लिमिटेड और राजस्थान सरकार सहित निजी पक्षों के बीच 52 साल से चल रही कानूनी लड़ाई समाप्त हो गई।
इंडियन बैंक ने रेपो आधारित ब्याज दर 0.10 प्रतिशत बढ़ायी
सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन बैंक ने सोमवार को रेपो दर से जुड़ी कर्ज पर देय ब्याज दर 0.10 प्रतिशत बढ़ाकर 9.05 प्रतिशत करने की घोषणा की। इससे बैंक का खुदरा कर्ज महंगा होगा। इंडियन बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि बैंक की संपत्ति देनदारी प्रबंधन समिति (एएलसीओ) ने कोष की सीमांत लागत आधारित ब्याज दर (एमसीएलआर), ट्रेजरी बिल आधारित ब्याज (टीबीएलआर), आधार दर, मानक प्रधान उधारी दर (बीपीएलआर) और रेपो आधारित मानक ब्याज (आरबीएलआर) की समीक्षा की। बैंक ने टीबीएलआर, बेस रेट, बीपीएलआर और आरबीएलआर में संशोधन का फैसला किया है।
पीपीएफ, एनएससी समेत सभी लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए पीपीएफ और एनएससी सहित विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने का शुक्रवार को फैसला किया। यह लगातार पांचवीं तिमाही है जब लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि एक अप्रैल, 2025 से शुरू होकर 30 जून, 2025 को समाप्त होने वाली तिमाही में विभिन्न छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें वित्त वर्ष 2024-25 की जनवरी-मार्च तिमाही के लिए अधिसूचित दरों से अपरिवर्तित रहेंगी। (भाषा)



