Omar Abdullah: जानें, कौन हैं उमर अब्दुल्ला, जो दूसरी बार बने जम्मू-कश्मीर के सीएम; ऐसा है उनका राजनीतिक सफर

नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने बुधवार को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद केंद्र शासित प्रदेश में यह पहली चुनी हुई सरकार है। इस साल जून में हुए लोकसभा चुनाव में शिकस्त का सामना करने के महज चार महीने बाद विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल कर केंद्र शासित प्रदेश जम्मू- कश्मीर के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने तक उमर अब्दुल्ला का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है।
दूसरी बार ली मुख्यमंत्री पद की शपथ
नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला (54) ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जो उनके दूसरे कार्यकाल की शुरुआत है। उनके दादा शेख अब्दुल्ला और पिता फारूक अब्दुल्ला के बाद सत्ता में, प्रभावशाली अब्दुल्ला परिवार की यह तीसरी पीढ़ी है।
शपथ ग्रहण समारोह में ये नेता हुए शामिल
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के शपथ ग्रहण समारोह में लोकसभा नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, JKNC प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव शामिल हुए।
जानें, कौन हैं उमर अब्दुल्ला
उमर अब्दुल्ला का जन्म 10 मार्च, 1970 को फारुख अब्दुल्ला के घर हुआ था। उनके दादा का नाम शेख मोहम्मद अब्दुल्ला था। उमर की शुरुआती पढ़ाई श्रीनगर के बर्न हॉल स्कूल में हुई। इसके बाद हिमाचल प्रदेश के सनावर के लॉरेंस स्कूल में पढ़ाई की। उमर ने मुंबई के सिडेनहैम कॉलेज से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। ग्रेजुएशन के बाद उमर ने स्कॉटलैंड के स्ट्रैथक्लाइड विश्वविद्यालय से व्यवसाय प्रशासन में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। उमर अब्दुल्ला ने 1998 में, 28 वर्ष की आयु में पहली बार लाल चौक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा। 12वीं लोकसभा में सबसे कम उम्र के सांसद के रूप में अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया।
श्रीनगर लोकसभा सीट से सांसद भी रहे
1998-99 में वे परिवहन और पर्यटन समिति और पर्यटन मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति दोनों के सदस्य थे। 1999 में, वे 13वीं लोकसभा के लिए फिर से चुने गए (संसद सदस्य के रूप में दूसरा कार्यकाल)। जिसमें उन्हें वाजपेयी सरकार द्वारा केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री बनाया गया। 2001 में उन्हें केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री बनाया गया और वे सबसे कम उम्र के केंद्रीय मंत्री थे। 1998 से 2009 के बीच वह श्रीनगर लोकसभा सीट से सांसद भी रहे।
जानें, कब बने पहली बार सीएम
उमर अब्दुल्ला 38 साल की उम्र में 2009 में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री बने। वह जम्मू-कश्मीर राज्य के 11वें और सबसे युवा मुख्यमंत्री बने थे। उनका कार्यकाल राजनीतिक आंदोलन और सुरक्षा मुद्दे जैसी कई चुनौतियों से भरा था। वर्तमान में उमर अब्दुल्ला नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष है। 2024 में बारामूला संसदीय सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए।
2024 के विधानसभा चुनावों में गांदरबल और बडगाम से चुनाव लड़ा और दोनों सीटों पर जीत हासिल की।
पायल से की थी शादी
उमर की शादी 1994 में पायल नाथ से हुई थी, लेकिन 2011 में वे अलग हो गए। उनके दो बेटे हैं, जिनका नाम जाहिर और जमीर है उनकी छोटी बहन सारा की शादी सचिन पायलट से हुई है।
नरेंद्र मोदी ने उमर अब्दुल्ला को बधाई दी
धानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, “लोगों की सेवा करने के उनके प्रयासों के लिए उन्हें शुभकामनाएं। केंद्र जम्मू-कश्मीर की प्रगति के लिए उनके और उनकी टीम के साथ मिलकर काम करेगा।”
जम्मू-कश्मीर में ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार न्याय, उम्मीदों और बरकत की सरकार होगी: राहुल
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला के जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद बुधवार को कहा कि ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इक्न्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) की सरकार न्याय, उम्मीदों और बरकत की सरकार बनेगी। उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद केंद्र शासित प्रदेश में यह पहली चुनी हुई सरकार है। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



