राजनीति

National Panchayati Raj Day: जयराम रमेश बोले, लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाने से ज्यादा जरूरी है पंचायतों और नगरपालिकाओं का पुनरुत्थान

National Panchayati Raj Day 2026: कांग्रेस ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के मौके पर शुक्रवार को कहा कि लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाकर व्यक्तिगत राजनीतिक अस्तित्व सुरक्षित करने से ज्यादा जरूरी है कि पंचायतों और नगरपालिकाओं का पुनरुत्थान किया जाए। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने पंचायतों में महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के योगदान को याद किया।

इसलिए मनाया जाता है राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन 1993 में संविधान का 73वां संशोधन लागू किया गया था। इसके तहत संविधान में अनुच्छेद 243-A से 243-O तक के विस्तृत प्रावधान जोड़े गए, ताकि पंचायती राज संस्थाओं को व्यापक रूप से सशक्त बनाया जा सके और वे हमारी शासन व्यवस्था की बुनियाद बन सकें। आज देश में लगभग 2.6 लाख ग्राम पंचायतें, 6,700 से अधिक मध्यवर्ती पंचायत और 673 जिला परिषद हैं।

आज पंचायती राज संस्थाओं में 32 लाख निर्वाचित प्रतिनिधि हैं, जिनमें से15 लाख महिलाएं
जयराम के मुताबिक, यह वास्तव में परिवर्तनकारी पहल पूरी तरह से स्वर्गीय राजीव गांधी के धृड़ता और लगन का परिणाम थी। उन्हीं ने यह सुनिश्चित किया था कि पंचायती राज संस्थाओं में निर्वाचित सीटों का एक-तिहाई हिस्सा महिलाओं के लिए आरक्षित हो, जिसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए भी आरक्षण शामिल हो। यह पूरी तरह उनका ही योगदान है कि आज पंचायती राज संस्थाओं में लगभग 32 लाख निर्वाचित प्रतिनिधि हैं, जिनमें से करीब 15 लाख महिलाएं हैं। यह संशोधन (64वां) मूल रूप से 1989 के मध्य में पेश किया गया था, लेकिन लोकसभा से पारित होने के बाद भी राज्यसभा में भाजपा के विरोध के कारण पारित नहीं हो सका था।

यह भी कहा जयराम ने
जयराम ने कहा कि अनुच्छेद 243-D (6) में पंचायत निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षण का प्रावधान भी है। कई राज्यों ने इस प्रावधान का लाभ उठाया है। डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने मई 2004 में पंचायती राज मंत्रालय की स्थापना की और फरवरी 2006 में ऐतिहासिक मनरेगा योजना शुरू की, जिसने ग्राम पंचायतों को योजना निर्माण और क्रियान्वयन में केंद्रीय भूमिका दी। मोदी सरकार ने दिसंबर 2025 में मनरेगा को समाप्त कर दिया। पंचायतों (और नगरपालिकाओं, जिनका प्रावधान अनुच्छेद 243-P से 243-ZG तक है) के पुनरुत्थान की आवश्यकता, केवल लोकसभा की संख्या बढ़ाकर व्यक्तिगत राजनीतिक अस्तित्व सुरक्षित करने की तुलना में कहीं अधिक जरूरी है। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)

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