Bulldozer Action: प्रयागराज में बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ये हमारी अंतरआत्मा को झकझोरता है, अखिलेश बोले-घर टूटने पर भावनाएं आहत होती हैं

Prayagraj Bulldozer Action: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार और प्रयागराज विकास प्राधिकरण की खिंचाई करते हुए प्रयागराज में घरों को गिराने की कार्रवाई को अमानवीय और अवैध बताया। वहीं, यूपी के पूर्व सीएम व सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि घर टूटने पर भावनाएं आहत होती हैं।
कहा, घरों को गिराने की कार्रवाई अनुचित तरीके से की गई
न्यायमूर्ति अभय एस. ओका और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने कहा कि घरों को गिराने की कार्रवाई अनुचित तरीके से की गई। पीठ ने कहा कि देश में कानून का शासन है और नागरिकों के आवासीय ढांचों को इस तरह से नहीं गिराया जा सकता।
अखिलेश यादव बोले, सुप्रीम कोर्ट का ये आदेश स्वागत योग्य
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि सुप्रीम कोर्ट का ये आदेश स्वागत योग्य है कि प्रयागराज में 2021 में हुए एक बुलडोजर एक्शन पर सभी पांच याचिकाकर्ताओं को प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा छह सप्ताह में 10-10 लाख मुआवजा दिया। इस मामले में कोर्ट ने नोटिस मिलने के 24 घंटे के भीतर मकान गिरा देने की कार्रवाई को अवैध घोषित किया है।
कहा, घर टूटने का जख्म सिर्फ पैसों से नहीं भरा जा सकता
सच तो ये है कि घर केवल पैसे से नहीं बनता है और न ही उसके टूटने का जख्म सिर्फ पैसों से भरा जा सकता है। परिवारवालों के लिए तो घर एक भावना का नाम है और उसके टूटने पर जो भावनाएं आहत होती हैं, उनका न तो कोई मुआवजा दे सकता है न ही कोई पूरी तरह पूर्ति कर सकता है। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



