राजनीति

Protest: राहुल गांधी बोले, शांतिपूर्ण विरोध करना ही सबसे बड़ा अपराध बना दिया गया

India: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। राहुल ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि आज भारत में कॉम्प्रोमाइज पीएम के राज में शांतिपूर्ण विरोध करना ही सबसे बड़ा अपराध बना दिया गया है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को धीरे-धीरे ऐसी दिशा में धकेला जा रहा है, जहां असहमति को देशद्रोह और सवाल पूछने को साजिश बताया जाता है।

पेपर लीक से त्रस्त युवाओं ने अपने भविष्य के लिए आवाज उठाई-जवाब मिला लाठियों से
सोचिए-मुद्दा कोई भी हो, अगर आप सत्ता के खिलाफ संवैधानिक तरीके से आवाज उठाते हैं, तो लाठी, मुकदमा और जेल – यह लगभग तय है। पेपर लीक से त्रस्त युवाओं ने अपने भविष्य के लिए आवाज उठाई-जवाब मिला लाठियों से। देश की गौरवशाली महिला पहलवानों ने भाजपा के प्रभावशाली नेता पर लगे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनकी पुकार को बदनाम किया गया, आंदोलन को कुचला गया, और उन्हें सड़कों से जबरन हटाया गया। एक बलात्कार पीड़िता के समर्थन में इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुआ। न्याय की मांग को व्यवस्था के लिए असुविधा मानकर हटा दिया गया।

जब किसानों ने अपने अधिकारों के लिए आंदोलन किया, तो उन्हें देशविरोधी करार दिया
युवा कांग्रेस ने देश का अहित करने वाले यूस ट्रेड डील का शांतिपूर्ण विरोध किया, तो उन्हें देशविरोधी बताकर गिरफ्तार कर लिया। जब आम लोग जहरीली हवा के खिलाफ खड़े हुए, तो पर्यावरण की चिंता को भी राजनीति कहकर दबा दिया गया। जब किसानों ने अपने अधिकारों के लिए आंदोलन किया, तो उन्हें देशविरोधी करार दिया गया। आंसू गैस, रबर की गोलियां, पानी की बौछारें और लाठियां-यही संवाद का माध्यम बना। जब आदिवासी अपने जल, जंगल, जमीन के हक के लिए खड़े हुए, तो उन पर भी शक की नजर डाली गई – मानो अपने अधिकार मांगना अपराध हो।

शांतिपूर्ण विरोध अपराध नहीं – लोकतंत्र की आत्मा है
यह कैसा लोकतंत्र है, जहां कॉम्प्रोमाइज पीएम सवालों से डरते है? जहां असहमति को कुचलना शासन का स्वभाव बनता जा रहा है? शांतिपूर्ण विरोध अपराध नहीं – लोकतंत्र की आत्मा है। सवाल पूछना लोकतंत्र की कमजोरी नहीं – उसकी ताकत है। लोकतंत्र तब मजबूत होता है जब सरकार आलोचना सुनती है, जवाब देती है और जवाबदेह रहती है। मोदी जी, ये नार्थ कोरिया नहीं, भारत है। जब सत्ता खुद को राष्ट्र समझने लगे और असहमति को दुश्मन – तब लोकतंत्र मर जाता है। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)

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