Baba Siddique Murder Case: कौन थे बाबा सिद्दीकी, जिन्होंने कराई थी सलमान और शाहरुख में सुलह, जानें-किसने-क्या कहा?

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी (Baba Siddique) की शनिवार रात मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके में तीन लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि निर्मल नगर में कोलगेट मैदान के पास बाबा सिद्दीकी के बेटे एवं विधायक जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर हुई इस घटना के तुरंत बाद दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। विजयदशमी पर जब बाबा सिद्दीकी अपने बेटे जीशान के ऑफिस के बाहर पटाखे फोड़ रहे थे, तभी उनकी हत्या की गई।
कौन थे बाबा सिद्धीकी
बाबा सिद्दीकी का पूरा नाम बाबा जियाउद्दीन सिद्दीकी है। वह छात्र जीवन में ही कांग्रेस पार्टी से जुड़ गए थे। मुंबई के एक कॉलेज से पढ़ाई करने के बाद दो बार म्युनिसिपल कॉरपोरेटर के रूप में भी इन्होंने काम किया। कॉरपोरेटर बनने के बाद उन्होंने अपना राजनीतिक कद और बढ़ाने के लिए 1999 में विधानसभा चुनाव लड़ा। वह बांद्रा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से चुने गए। इसके बाद सिद्दीकी ने राजनीति में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह 2004 और 2009 में भी कांग्रेस पार्टी के टिकट पर इसी विधानसभा के विधायक बने। वह एक बार के मंत्री भी रहे थे।
सलमान खान और शाहरुख खान की कराई दोस्ती
बॉलीवुड अभिनेत्री कैटरीना कैफ की जन्मदिन पार्टी में हुए विवाद के बाद बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान और शाहरुख खान के बीच लंबे समय तक दूरी बनी रही। दोनों ने कई साल तक एक-दूसरे से बात नहीं की। बाबा सिद्दीकी ने इनके बीच दोस्ती कराई। उन्होंने दोनों को अपनी इफ्तारी पार्टी में बुलाया और उनके बीच की दूरी खत्म की। इस पार्टी में दोनों सितारे मिले और उनके बीच सुलह हो गई। इसके बाद से शाहरुख-सलमान के रिश्ते पहले जैसे हो गए, तब से लेकर इस मेल-मिलाप का श्रेय बाबा को ही दिया जाता है।
इफ्तार पार्टियों से मिली पहचान
बाबा सिद्दीकी बॉलीवुड से लेकर राजनीत तक अपनी मजबूत पकड़ रखते थे। उनकी इफ्तार पार्टी हमेशा से चर्चा में रही हैं। इसमें फिल्म और टीवी की दुनिया के बड़े सितारे शामिल होते थे। इसी से इन्हें पहचान मिली।
हत्या के पीछे कौन लोग थे, जल्द चलेगा पताः अजित पवार
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और NCP नेता अजित पवार ने NCP नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या पर कहा कि पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है और अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए टीमें बनाई गई हैं और अलग-अलग राज्यों में भी पुलिस की टीम लगाई गई हैं। मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और मैं खुद इस मामले में ध्यान दे रहे हैं। यह पता लगाने के लिए जांच जारी है कि हत्या की सुपारी किसने दी, मुझे विश्वास है कि एक-दो दिन में इसका पता चल जाएगा। रविवार रात 8:30 बजे मुंबई की तर्ज पर बड़ा कब्रिस्तान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। विपक्ष यह कहेगा (सरकार पर आरोप लगाएगा), लेकिन हमारा काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। उपमुख्यमंत्री ने यहां का दौरा किया। मैंने उनसे और मुख्यमंत्री से भी बात की है और उन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि हमें जल्द ही पता चल जाएगा कि इसके पीछे कौन लोग थे।
दो शूटरों की हुई पहचान
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में दो शूटरों का नाम सामने आ रहा है। ये दोनों शूटर उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के हैं। अब तक प्राप्त सूचना के अनुसार इनका कोई अपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
बाबा सिद्दीकी की हत्या में पूर्व नियोजित साजिश का संदेह: पुलिस
अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या एक पूर्व नियोजित साजिश के तहत किये जाने का संदेह है। मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
बाबा सिद्दीकी की हत्या शर्मनाक और चौंका देने वाली: जयंत पाटिल
महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और कांग्रेस ने रविवार को कहा कि पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या राज्य के लिए चौंकाने वाली और शर्मनाक है। उन्होंने दावा किया कि मुंबई में अराजकता व्याप्त है। राकांपा (शरदचंद्र पवार) के महाराष्ट्र अध्यक्ष जयंत पाटिल ने पूछा कि जब सत्तारूढ़ गठबंधन का नेता ही सुरक्षित नहीं है तो सरकार आम आदमी को कैसे सुरक्षित रख सकती है?
बाबा सिद्दीकी की मौत अस्पताल में भर्ती होने से पहले ही हो गयी थी: चिकित्सक
मुंबई के लीलावती अस्पताल के एक चिकित्सक ने कहा है कि महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की मौत संभवतः अस्पताल में भर्ती कराए जाने से पहले ही हो गयी थी। सिद्दीकी को गोली लगने के बाद मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था।उन्होंने बताया कि सिद्दीकी को शनिवार रात गोली लगने के बाद जब लीलावती अस्पताल लाया गया, तब वह बेहोश थे। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों ने उन्हें बचाने की करीब दो घंटे तक कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे।
डीयू के पूर्व प्रोफेसर साईबाबा की मौत आंशिक रूप से यूएपीए का नतीजा: असदुद्दीन ओवैसी
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के पूर्व प्रोफेसर जीएन साईबाबा की मौत आंशिक रूप से उस गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) का भी परिणाम है, जो अभियुक्तों को लंबी अवधि तक जेल में रखने की अनुमति देता है। ओवैसी ने साईबाबा के निधन और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शनिवार रात ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि एक ही दिन में मौत की दो खबर वास्तव में खौफनाक है। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



