Dasna Devi Temple: जानें, कहां है डासना देवी मंदिर, जहां पूरी होती है भक्तों की मनोकामना, यहां के सरोवर में नहाने से दूर हो जाते हैं त्वचा रोग

डासना देवी मंदिर (Dasna Devi Temple) भारत (Bharat) में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गाजियाबाद (Ghaziabad) में है। इस मंदिर में देवी के दर्शन के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु आते हैं। ऐसी मान्यता है कि मां के दर पर भक्त जो भी मनोकामना लेकर आते हैं, वह पूरी होती है। मंदिर के पास स्थित सरोवर में औषधीय गुण हैं। कहा जाता है कि मां के दर्शन के बाद इस सरोवर में स्नान करने से त्वचा रोग ठीक हो जाते हैं।
जानें, मंदिर का इतिहास
डासना देवी मंदिर में लखौरी ईंटों का उपयोग हुआ है। कहा जाता है कि यह मंदिर महाभारतकालीन है। अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने भी इसी मंदिर में शरण ली थी। मुगलकाल में ही मंदिर को क्षतिग्रस्त भी कर दिया गया था। मंदिर के तत्कालीन महंत ने मुगलों से छिपाकर मंदिर में लगी देवी मूर्ति को तालाब में छिपा दिया। कहा जाता है कि करीब दो सौ साल बाद मंदिर के तत्कालीन महंत जगत गिरि के सपने में देवी ने दर्शन दिए और मूर्ति के तालाब में होने की बात कही। उन्होंने तालाब में खुदाई कराकर मूर्ति को निकलवाया और फिर से मंदिर की स्थापना की।
मंदिर की विशेषता
डासना देवी मंदिर में देवी के काली स्वरूप की मूर्ति में जीभ बाहर नहीं निकाली हुई है। वह कमल के फूल पर खड़ी हैं। मूर्ति कसौती के पत्थर की बनी है। इस धातु की कीमत करोड़ों में है। ऐसा दावा किया जाता रहा है कि देवी के इस स्वरूप और धातु की इतनी प्राचीन मूर्ति विश्व में केवल चार जगह है। इनमें शिव शक्ति धाम डासना, हिग्लाज (जो अब पाकिस्तान में है), कोलकाता और गुवाहाटी के पास कामाख्या मंदिर में है। शिव शक्ति धाम में ही स्थापित शिवलिग के ऊपर कितनी बार लेंटर डालकर छत बनाई गई है, लेकिन आज तक उसके ऊपर छत टिकती नहीं है। लेंटर में रात को या अगले दिन ही दरारें पड़ जाती हैं। मान्यता है कि मंदिर में स्थापित शिवलिग और देवी के काली स्वरूप के दर्शन करने से भक्त की हर मनोकामना पूरी होती है।
ऐसे पहुंचे मंदिर
डासना देवी मंदिर एनएच-9 से होते हुए डासना मार्ग की ओर जाएं। यहां सीधे जाते हुए रास्ते में डासना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पड़ता है। इससे करीब दो सौ मीटर की दूरी पर बाईं ओर मंदिर का गेट है। इस पर शिव शक्ति धाम डासना लिखा है।
मां के दर्शन के लिए यहां आते हैं भक्त
डायना देवी मंदिर में नवरात्र के नौ दिनों मंदिर में हवन किया जाता है। मंदिर में मां भगवती का विशेष तौर पर श्रृंगार किया जाता है। मंदिर काफी प्राचीन होने से दूर-दूर से भक्त मां शिव शक्ति के दर्शन के लिए यहां आते हैं।
यहां पूरी होती है मनोकामना
नवरात्र के दौरान मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त मां शिव शक्ति के दर्शन के लिए आते हैं। मां के दर पर भक्त जो भी मनोकामना लेकर आते हैं, मान्यता है कि वह पूरी होती है। सामान्य दिनों में भी बड़ी संख्या में भक्त मंदिर में मां भगवती के दर्शन के लिए आते हैं।
यति नरसिंहानंदर हैं इस मंदिर के महंत
यति नरसिंहानंद इस मंदिर के महंत हैं। यति अपने बयानों को लेकर इन दिनों चर्चा में हैं। यति पहले भी अपने बयानों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। यति पर कई केस दर्ज हैं। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मान्यताओं पर आधारित है। हम दावा नहीं करते हैं कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।



