World Food Day: विश्व खाद्य दिवस पर अशोक गहलोत बोले, कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए; यह संकल्प और दृढ़ करना चाहिए

Ashok Gehlot: विश्व खाद्य दिवस पर शुक्रवार को राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हमें यह संकल्प और दृढ़ करना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए और कोई जरूरतमंद भोजन से वंचित न रहे।
कहा, कोई भी जरूरतमंद भोजन से वंचित न रहे
अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि आज विश्व खाद्य दिवस के मौके पर हमें यह संकल्प और दृढ़ करना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए और कोई भी जरूरतमंद भोजन से वंचित न रहे। यूपीए सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह एवं यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी की संवेदनशील सोच से प्रेरित होकर खाद्य सुरक्षा कानून लागू किया गया, जिसने देश के करोड़ों लोगों के लिए भोजन के अधिकार को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राजस्थान में हमारी कांग्रेस सरकार ने कोई भूखा न सोए के संकल्प को साकार करने के लिए इंदिरा रसोई योजना शुरू की, जिसके जरिए जरूरतमंद लोगों को मात्र आठ रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया गया। वहीं, महंगाई से आमजन को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री निःशुल्क अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना शुरू की गई, जिसके तहत जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई।
जानें, कब और क्यों मनाया जाता है विश्व खाद्य दिवस
विश्व खाद्य दिवस हर साल 16 अक्टूबर को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) द्वारा 1979 में इसे मनाने का प्रस्ताव रखा गया था और पहली बार यह 1981 में मनाया गया था। यह दिन 16 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन की स्थापना की याद में मनाया जाता है। दुनिया से भुखमरी, कुपोषण, गरीबी और खाद्य असुरक्षा को खत्म करने के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना इसका मुख्य उद्देश्य है। सभी लोगों के लिए पौष्टिक और सुरक्षित भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकारों और संगठनों को प्रेरित किया जाता है।
वर्ष 2026 की थीम है आज नवाचार करें, कल का पोषण करें। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



