Third Party Insurance: थर्ड पार्टी बीमा नहीं, तो ईंधन नहीं; सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को प्रायोगिक परियोजना शुरू करने को कहा

Court News: सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में मंगलवार को थर्ड पार्टी बीमा कवर के बिना बड़ी संख्या में चल रहे वाहनों पर गंभीर चिंता जताई और केंद्र सरकार को एक प्रायोगिक परियोजना तैयार करने का निर्देश दिया, जिसके तहत वैध बीमा नहीं होने पर पेट्रोल पंपों पर ऐसे वाहनों को ईंधन देने से इनकार किया जा सके।
यह भी कहा कोर्ट ने
शीर्ष अदालत ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं की संख्या और टोल प्लाजा पर लंबी कतारों के प्रभाव पर भी ध्यान दिया तथा केंद्र को कुछ चुनिंदा गलियारों में ऐसी प्रायोगिक परियोजनाएं लागू करने का निर्देश दिया, जिनके तहत टोल प्लाजा पर वाहनों को रोकने के बजाय टोल बिंदुओं से गुजरने वाले वाहनों की स्वचालित पहचान की व्यवस्था की जाए।
जानें, क्या होता है थर्ड पार्टी इंश्योरेंस
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस एक वाहन बीमा पॉलिसी है, जो दुर्घटना के समय किसी तीसरे व्यक्ति को हुई शारीरिक चोट, मौत या संपत्ति के नुकसान की भरपाई करती है। इसमें पहली पार्टी (आप/वाहन मालिक), दूसरी पार्टी (बीमा कंपनी) और तीसरी पार्टी (पीड़ित व्यक्ति या उसकी संपत्ति) शामिल होती है। भारत में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सार्वजनिक सड़कों पर चलने वाले हर वाहन के लिए यह बीमा होना अनिवार्य है। (भाषा)



