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Yati Narasimhanand: जानें, कौन हैं यति नरसिंहानंद, ऐसा क्या कहा कि मच गया बवाल, किसने-क्या कहा?

यति नरसिंहानंद (Yati Narasimhanand) इन दिनों अपने बयान को लेकर फिर से चर्चा में हैं। पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर उन पर एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। नरसिंहानंद के विवादित बयान के बाद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले और अन्य राज्यों में विरोध प्रदर्शन के बीच कई राजनीतिक पार्टियों ने उनकी तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। नरसिंहानंद के सहयोगियों ने शनिवार को दावा किया कि पुजारी को गाजियाबाद में पुलिस हिरासत में ले लिया गया, लेकिन मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

मायावती ने कहा, सख्त कार्रवाई हो
यूपी की पूर्व सीएम व बसपा प्रमुख ने रविवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि यूपी के गाजियाबाद में डासना देवी मंदिर के महंत द्वारा फिर से नफरती बयानबाजी की गई, जिससे उस पूरे इलाके में तथा देश के कई हिस्सों में भी अशांति व तनाव की स्थिति उत्पन्न है। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ तो कार्रवाई की गई, किन्तु मूल दोषी भयमुक्त। जबकि भारतीय संविधान धर्मनिरपेक्षता अर्थात सभी धर्मों का बराबर आदर-सम्मान की गारण्टी सुनिश्चित करता है। अतः केंद्र व राज्य सरकारों की जिम्मेवारी है कि वे इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करे, ताकि देश में शांति रहे तथा विकास भी बाधित न हो।


यति नरसिंहानंद को गिरफ्तार किया जाए, प्राथमिकी पर्याप्त नहीं : मदनी
प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित डासना देवी मंदिर के मुख्य पुजारी यति नरसिंहानंद की गिरफ्तारी की मांग की। संगठन ने कहा कि उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना ‘‘पर्याप्त नहीं’’ है।जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने यहां जारी एक बयान में आरोप लगाया कि नरसिंहानंद ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ ‘‘असहनीय ईशनिंदा’’ करने वाली टिप्पणी की है।

एआईएमआईएम ने हैदराबाद पुलिस से यति पर केस दर्ज करने की मांग
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को हैदराबाद के पुलिस आयुक्त सीवी आनंद को एक ज्ञापन सौंपकर पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी के लिए उत्तर प्रदेश के हिंदूवादी नेता यति नरसिंहानंद के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की। अपनी पार्टी के विधायकों और अन्य नेताओं के साथ पहुंचे ओवैसी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि यति नरसिंहानंद को पहले भी नफरत फैलाने वाले भाषण के सिलसिले में जेल भेजा गया था और उनकी जमानत की शर्तों में से एक यह थी कि वह इस तरह की टिप्पणी नहीं करेंगे।

यति पर केस दर्ज करने की मांग कर रही भीड़ के पथराव में 21 पुलिसकर्मी घायल
महाराष्ट्र के अमरावती शहर में पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित ‘आपत्तिजनक’ टिप्पणी के लिए गाजियाबाद जिले के डासना स्थित मंदिर के महंत के विरुद्ध मामला दर्ज करने की मांग कर रही भीड़ की ओर से किये गए पथराव में 21 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि बाद में उसने पैगंबर के खिलाफ टिप्पणी करने के लिए गाजियाबाद जिले के डासना स्थित मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद महाराज के खिलाफ मामला दर्ज किया।

कौन है यति नरसिंहानंद
यति नरसिंहानंद भारत में उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के डासना मंदिर के महंत हैं। यति अखिल भारतीय संत परिषद का राष्ट्रीय संयोजक भी है। भाजपा नेता बीएल शर्मा को यति अपना गुरु मानते हैं। 1969 में मेरठ जनपद के एक किसान परिवार में जन्मे यति का असली नाम दीपक त्यागी था। हापुड़ के ताराचंद इंटर कॉलेज से शुरुआती पढ़ाई पूरी कर वह 1989 में केमिकल टेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने मास्को चले गए थे। उन्होंने मास्को में 1994 में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की और वहीं नौकरी करने लगे, लेकिन 1997 में मां के बीमार पड़ने पर वह स्वदेश लौट आए और यहीं के होकर रह गए। उसी दौरान भाजपा नेता बीएल शर्मा के संपर्क में आने से उनके जीवन में बड़ा मोड़ आया और उसके बाद उन्होंने परिवार छोड़ दिया।

ऐसे बदला नाम, कई बार दे चुके हैं विवादित बयान, दर्ज हैं कई केस
सांसारिक जीवन छोड़कर संन्यासी जीवन अपनाते हुए उन्होंने अपना नाम दीपक त्यागी से बदलकर दीपेंद्र नारायण सिंह रख लिया था। उसके कुछ दिन बाद उन्होंने फिर से अपना नाम बदल लिया और यति नरसिंहानंद ‌हो गए। 2007 से वह गाजियाबाद के डासना मंदिर के महंत हैं और जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर भी हैं। उन्होंने विदेश से पढ़ाई की है। वह अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। वह इससे पहले भी कई बार विवादित बयान दे चुके हैं। उन पर कई मामलों में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी हैं। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)

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