INDIA Bloc Rally: वोट चोरी के खिलाफ INDIA ब्लॉक की रैली, राहुल गांधी ने भाजपा तो जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर साधा निशाना

Rahul Gandhi: दिल्ली में वोट चोरी के खिलाफ इंडिया गठबंधन के नेता और कार्यकर्ता रविवार को दिल्ली में चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ एकजुट हुए। रामलीला मैदान में रैली में भारी भीड़ उमड़ी है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, एनसीपी-एससीपी सांसद सुप्रिया सुले, टीएमसी नेता ममता बनर्जी, राजद नेता तेजस्वी यादव और अन्य नेताओं मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक मार्च किया।
वोट चोरी और सीईसी के खिलाफ विपक्षी नेताओं ने रामलीला मैदान की तरफ किया कूच
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने वोट बचाओ, देश बचाओ मार्च शुरू किया। विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं का यह मार्च कनॉट प्लेस से शुरू हुआ, जो मिंटो रोड होते हुए रामलीला मैदान पहुंचकर रैली में तब्दील होगा। इस रैली को विपक्षी गठबंधन के प्रमुख नेता संबोधित करेंगे।
राहुल गांधी का आरोप, भाजपा ने कनॉट प्लेस की दुकानें जबरन बंद कराईं
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इंडिया गठबंधन के मार्च के मद्देनजर कनॉट प्लेस की दुकानों को जबरन बंद करा दिया, जिससे दुकानदारों को नुकसान हो रहा है। राहुल गांधी ने रामलीला मैदान तक मार्च के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास से कनॉट प्लेस जाते समय अपने वाहन से जारी एक वीडियो में कहा कि विपक्षी गठबंधन ने रैली में आने वाले लोगों से कनॉट प्लेस में खरीदारी करने की अपील की थी, ताकि स्थानीय दुकानदारों को फायदा हो सके। लेकिन कनॉट प्लेस आते समय पता चला है कि भाजपा ने जबरदस्ती सारी दुकानें बंद करवा दी हैं। भाजपा दुकानदारों का नुकसान कर रही है। उन्होंने कहा कि देश देख रहा है कि भाजपा दुकानदारों का नुकसान कर रही है। उनके इस आरोप पर भाजपा की तरफ से फिलहाल प्रतिक्रिया नहीं आई है।
जेपी नड्डा बोले, राहुल गांधी की यह रैली कांग्रेस के राजनीतिक पतन के ताबूत में आखिरी कील साबित होगी
भाजपा नेता जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि आज रामलीला मैदान में जो कुछ हो रहा है, वह लोकतंत्र का सम्मान नहीं, बल्कि लोकतंत्र के नाम पर देश को अराजकता के हवाले करने की एक सोची-समझी साजिश है। यह हारे हुए और जनता द्वारा बार-बार नकारे गए लोगों का एक मूर्खतापूर्ण और सुनियोजित नाटक है, जिसे जनता भली-भांति समझती है। राहुल गांधी, कान खोलकर सुन लो, आप एक नवंबर के काले इतिहास को नहीं छिपा सकते और न ही दिल्ली के व्यापारियों के आंसुओं का हिसाब देने से बच सकते हैं। भारत एक सशक्त लोकतंत्र है, जो आपकी दंगा आधारित राजनीति से नहीं, बल्कि संविधान और जनता के जनादेश से चलेगा। आपकी यह रैली कांग्रेस के राजनीतिक पतन के ताबूत में आखिरी कील साबित होगी।(सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



