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Sanchar Saathi App: क्या है संचार साथी एप, क्यों जरूरी है, विरोध की वजह; किसने-क्या कहा?

Sanchar Saathi App: संचार सारथी एप पर घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस ने नए मोबाइल हैंडसेट में संचार साथी एप पहले से मौजूद होने संबंधी दूरसंचार विभाग के निर्देश को लेकर मंगलवार को आरोप लगाया कि यह एक जासूसी एप है। कांग्रेस ने कहा कि सरकार देश को तानाशाही में बदलने का प्रयास कर रही है। दूरसंचार विभाग ने मोबाइल हैंडसेट विनिर्माताओं और आयातकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सभी नए मोबाइल उपकरणों में धोखाधड़ी की सूचना देने वाला एप संचार साथी पहले से मौजूद होना चाहिए।

जानें, क्या है संचार साथी एप
संचार साथी एक सरकारी साइबर सिक्योरिटी एप है, जिसे जनवरी 2025 में लांच किया गया था। यह एप गूगल प्ले स्टोर और एप्पल एप स्टोर पर उपलब्ध है। इसके जरिए यूजर्स साइबर फ्रॉड, कॉल/मैसेज स्कैम, वॉट्सऐप धोखाधड़ी, फोन चोरी जैसे मामलों की रिपोर्ट कर सकते हैं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले, उपयोगकर्ता संचार साथी एप को रखने या हटाने का निर्णय लेने को स्वतंत्र
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि देश के हर नागरिक की डिजिटल सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। संचार साथी एप का उद्देश्य है कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी निजता की रक्षा कर सके और ऑनलाइन ठगी से सुरक्षित रह सके। यह एक पूरी तरह स्वैच्छिक और लोकतांत्रिक व्यवस्था है। यूजर चाहें तो एप को सक्रिय कर इसके लाभ ले सकते हैं, और न चाहें तो, वे किसी भी समय इसे अपने फोन से आसानी से डिलीट कर सकते हैं।

कांग्रेस ने नए मोबाइल हैंडसेट में संचार साथी एप पहले से मौजूद होने के निर्देश को असंवैधानिक बताया
कांग्रेस ने नए मोबाइल हैंडसेट में संचार साथी एप पहले से मौजूद होने संबंधी दूरसंचार विभाग के निर्देश को सोमवार को असंवैधानिक करार देते हुए खारिज कर दिया और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि निजता का अधिकार जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का अभिन्न हिस्सा है।

संचार साथी एप पर कांग्रेस की आपत्ति, रेणुका चौधरी ने राज्यसभा में दिया कार्य स्थगन प्रस्ताव
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने नए मोबाइल हैंडसेट में संचार साथी एप इंस्टॉल होने के सरकार के निर्देशों पर चर्चा कराने के लिए राज्यसभा में कार्य स्थगन प्रस्ताव दिया है। कांग्रेस ने दूरसंचार विभाग के इस निर्देश को असंवैधानिक करार देते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। रेणुका चौधरी ने सदन में नियम 267 के तहत यह मुद्दा उठाने का आग्रह किया है, जिसके तहत सदन का सारा कामकाज स्थगित कर किसी जरूरी विषय पर चर्चा की जा सकती है।

दूरसंचार विभाग ने कंपनियों से कहा, नए हैंडसेट में पहले से लगा होना चाहिए संचार साथी एप
दूरसंचार विभाग ने मोबाइल हैंडसेट विनिर्माताओं और आयातकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि 90 दिन के भीतर सभी नए उपकरणों में धोखाधड़ी की सूचना देने वाला एप संचार साथी पहले से लगा हो। पिछले महीने 28 नवंबर के निर्देश के अनुसार, आदेश जारी होने की तारीख से 90 दिन के बाद भारत में विनिर्मित या आयातित होने वाले सभी मोबाइल फोन में यह एप होना अनिवार्य होगा। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)

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