Karur Stampede: कब रुकेगा भगदड़ का यह सिलसिला?

भगदड़ (Stampede) की घटनााओं के रुकने का सिलसिला देश में थम नहीं रहा है। तमिलनाडु के करूर में अभिनेता से नेता बने जोसफ विजय की रैली में भगदड़ मचने से कई लोगों की मौत यह बता रही है कि इस तरह की घटनाओं से सबक नहीं सीखा जा रहा है। भले ही इस घटना की जांच हाई कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश को सौंपी गई है, मगर क्या इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह बनाने के साथ उन्हें दंडित भी किया जा सकेगा?
तो नहीं मचती भगदड़
इस तरह की अधिकांश घटनाओं की जांच में लीपापोती ही अधिक होती है। इस मामले में भी ऐसा ही हो और इतने अधिक लोगों की मौतों के लिए किसी को कठघरे में न खड़ा किया जाए तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए। चूंकि भगदड़ की घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कभी कोई कठोर कार्रवाई नहीं होती है, इसलिए सबक भी नहीं सीखा जाता और ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। इस वर्ष इससे पहले भी भगदड़ की कई घटनाएं हुईं हैं, जिनमें कई लोगों की जान गई है। अगर पिछली घटनाओं से सबक सीखा गया होता तो शायद इस तरह की घटना नहीं होती। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



