Bulldozer Action: अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान किताबें लेकर भागती लड़की के वीडियो ने सबको स्तब्ध कर दिया: उच्चतम न्यायालय

Bulldozer Action: उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि हाल ही में सामने आए उस वीडियो ने सभी को स्तब्ध कर दिया है, जिसमें आठ साल की एक बच्ची को उत्तर प्रदेश में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान उसकी झुग्गी पर बुलडोजर चलाए जाने के दौरान अपनी किताबें लेकर भागते हुए देखा जा सकता है।
न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अवैध ध्वस्तीकरण से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान अंबेडकर नगर के जलालपुर इलाके में रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो का जिक्र किया, जिसे बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है।
प्रयागराज की अमानवीय एवं अवैध तोड़फोड़ कार्रवाई हमारी अंतरात्मा को झकझोरती है: शीर्ष अदालत
प्रयागराज में घरों को गिराने की कार्रवाई को अमानवीय और अवैध करार देते हुए उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को शहर विकास प्राधिकरण को छह सप्ताह के अंदर प्रत्येक मकान मालिक को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।
अखिलेश यादवव ने शेयर किया वीडियो, कहा-सुप्रीम कोर्ट का आदेश स्वागत योग्य
यूपी के पूर्व सीएम व सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान किताबें लेकर भागती लड़की का वीडियो शेयर करते हुए लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट का ये आदेश स्वागत योग्य है कि प्रयागराज में 2021 में हुए एक बुलडोजर एक्शन पर सभी पांच याचिकाकर्ताओं को प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा छह सप्ताह में 10-10 लाख मुआवजा दिया। इस मामले में कोर्ट ने नोटिस मिलने के 24 घंटे के भीतर मकान गिरा देने की कार्रवाई को अवैध घोषित किया है।
कहा, घर टूटने पर आहत होती हैं भावनाएं
अखिलेश ने लिखा है कि सच तो ये है कि घर केवल पैसे से नहीं बनता है और न ही उसके टूटने का जख्म सिर्फ पैसों से भरा जा सकता है। परिवारवालों के लिए तो घर एक भावना का नाम है और उसके टूटने पर जो भावनाएं आहत होती हैं उनका न तो कोई मुआवजा दे सकता है न ही कोई पूरी तरह पूर्ति कर सकता है।



