LPG Crisis: एलपीजी संकट पर राहुल गांधी बोले, जब अहंकार नीति बन जाए तो देश को दशकों पीछे धकेल दिया जाता है

West Asia Crisis: पश्चिम एशिया संकट के कारण एलपीजी की कथित किल्लत व शहरों से मजदूरों के कथित पलायन के विषय को लेकर सोमवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने कहा कि जब अहंकार नीति बन जाए तो अर्थव्यवस्था चरमराती है एवं देश दशकों पीछे धकेल दिया जाता है। राहुल गांधी ने दावा किया कि सरकार ने इस संकट को लेकर भी वही नीति अपनाई जो उसने कोविड संकट के समय अपनाई थी।
यह भी कहा राहुल ने
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि मोदी जी ने कहा था एलपीजी गैस संकट को कोविड की तरह हैंडल करेंगे।और सच में वही किया। बिल्कुल कोविड के जैसे ही नीति शून्य, घोषणा बड़ी, और बोझ गरीबों पर। 500-800 रुपये की दिहाड़ी कमाने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए रसोई गैस पहुंच से बाहर हो गई है। रात को घर लौटते मजदूर के पास चूल्हे जलाने तक के पैसे नहीं। नतीजा शहर छोड़ो, गांव भागो।
कूटनीति की मेज पर हुई उस चूक से जिसे सरकार आज तक स्वीकार नहीं करती
राहुल ने कहा कि जो मजदूर कपड़ा मिलों और फैक्ट्रियों की रीढ़ हैं, आज वही टूट रहे हैं। टेक्सटाइल सेक्टर पहले से आईसीयू में है। उत्पादन दम तोड़ रही है। और यह संकट आया कहां से? कूटनीति की मेज पर हुई उस चूक से जिसे सरकार आज तक स्वीकार नहीं करती।
हर संकट में सबसे पहले गरीब क्यों मरता है?
राहुल ने कहा कि जब अहंकार नीति बन जाए – अर्थव्यवस्था चरमराती है, मजदूर पलायन करते हैं, उद्योग बर्बाद होते हैं और देश दशकों पीछे धकेल दिया जाता है। सवाल एक ही है हर संकट में सबसे पहले गरीब क्यों मरता है? चुप मत रहो। यह सिर्फ गरीब का नहीं, हम सबका सवाल है। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



