राजनीति

Maharashtra Assembly Election 2024: महाराष्ट्र चुनाव के लिए कांग्रेस ने गहलोत, बघेल, पायलट समेत 11 वरिष्ठ पर्यवेक्षक किए नियुक्त

कांग्रेस (Congress) ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 (Maharashtra Assembly Election 2024) के लिए मंगलवार को वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किए, जिनमें राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पार्टी महासचिव सचिन पायलट के नाम प्रमुख हैं।

जानें, कहां-किसकी हुई नियुक्ति
पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, गहलोत और कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर को मुंबई एवं कोंकण क्षेत्र, बघेल, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार को विदर्भ (अमरवाती एवं नागपुर) क्षेत्र तथा पायलट और तेलंगाना सरकार के मंत्री उत्तर कुमार रेड्डी को मराठवाड़ा क्षेत्र के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।

महाराष्ट्र की ‘महायुति’ सरकार ने अपने आखिरी के दिनों में अदाणी समूह को उपहार दिए: कांग्रेस
कांग्रेस ने मंगलवार को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की संभावित घोषणा से कुछ देर पहले आरोप लगाया कि प्रदेश की ‘महायुति’ सरकार ने अपने आखिरी दिनों में अदाणी समूह को उपहार दिए हैं। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ ‘महायुति’ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) शामिल हैं।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले राज्यपाल द्वारा नियुक्त सात विधान पार्षदों ने शपथ ली
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की घोषणा से कुछ घंटे पहले, राज्यपाल द्वारा नियुक्त सात विधान पार्षदों ने मंगलवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। सात नए विधान पार्षदों में से तीन को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मनोनित किया था जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के दो-दो सदस्य हैं।

महाराष्ट्र सरकार ने उच्च न्यायालय से कहा, एमएलसी की नियुक्ति में कोई बाधा नहीं

महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को बंबई उच्च न्यायालय से कहा कि राज्य विधान परिषद की 12 रिक्त सीटों के लिए सात विधान पार्षदों (एमएलसी) की नियुक्ति में कोई बाधा नहीं है। महाधिवक्ता बीरेंद्र सराफ ने मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति अमित बोरकर की खंडपीठ को बताया कि अदालत की ओर से कोई स्थगन आदेश या निषेधाज्ञा नहीं जारी की गई है, न ही सरकार की ओर से कोई आश्वासन दिया गया है कि नियुक्ति नहीं की जाएगी। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button