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Bangladesh: मुहम्मद यूनुस बोले-शेख हसीना ने सब कुछ कर दिया नष्ट, सुधार के बाद कराएंगे चुनाव

Bangladesh News: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने कहा है कि शेख हसीना सरकार ने सब कुछ नष्ट कर दिया। उन्होंने संवैधानिक व न्यायिक सुधारों को लागू किए जाने के बाद आम चुनाव कराए जाने की बात कही। बांग्लादेश संगबाद संस्था ने बुधवार को एक जापानी अखबार को दिए गए यूनुस के साक्षात्कार का हवाला देते हुए यह जानकारी दी।

कहा, अर्थव्यवस्था, शासन, नौकरशाही व न्यायपालिका में सुधार की आवश्यकता
नोबेल पुरस्कार से सम्मानित यूनुस (84) ने ‘निक्केई एशिया’ को दिए साक्षात्कार में कहा कि हमें (चुनाव कराने से पहले) अर्थव्यवस्था, शासन, नौकरशाही व न्यायपालिका में व्यापक सुधार करने की आवश्यकता है।

यूनुस के मुख्य सलाहकार आलम ने भारत से जुलाई-अगस्त विद्रोह को मान्यता देने को कहा
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के एक प्रमुख सहयोगी ने बुधवार को कहा कि भारत को द्विपक्षीय संबंधों को नये सिरे से शुरू करने के लिए देश में जुलाई-अगस्त में हुए उस विद्रोह को स्पष्ट रूप से मान्यता देनी चाहिए जिसने प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया था।

नई वास्तविकताओं को समझने को कहा
अंतरिम सरकार में वस्तुत: मंत्री का दर्जा रखने वाले महफूज आलम ने एक फेसबुक पोस्ट में उल्लेख किया कि भारत सरकार ने विद्रोह को कुछ इस तरह से चित्रित करने की कोशिश की जैसे यह सत्ता पर कुछ अतिवादियों, हिंदू विरोधी और इस्लामी कट्टरपंथियों का कब्जा हो गया हो। आलम ने भारत से 75 के बाद की रणनीति बदलने और बांग्लादेश की नई वास्तविकताओं को समझने को भी कहा। आलम बांग्लादेश के एंटी डिस्क्रिमिनेशन स्टूडेंट्स मूवमेंट के एक प्रमुख नेता हैं।

बांग्लादेश में छात्र आंदोलन के दौरान जेल से भागे 700 कैदी अब भी फरार: सरकार
बांग्लादेश में जुलाई-अगस्त में हुए छात्र आंदोलन के दौरान जेल से भागे कैदियों में से कम से कम 700 कैदी अब भी फरार हैं, जिनमें दोषी आतंकी और मौत की सजा पाए कैदी शामिल हैं। छात्र आंदोलन के कारण प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार को सत्ता से बेदखल होना पड़ा था।

देश भर में विभिन्न जेलों से भाग गए थे 2200 कैदी
जेल महानिरीक्षक ब्रिगेडियर जनरल सैयद मोहम्मद मोताहिर हुसैन ने कहा कि देश भर में लगभग 2,200 कैदी विभिन्न जेलों से भाग गए थे, जिनमें से 700 अब भी फरार हैं, जबकि बाकी कैदी सजा काटने के लिए जेलों में वापस लौट गए हैं या उन्हें कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने दोबारा गिरफ्तार कर लिया है। (भाषा)

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