Semicon India 2024 : पीएम मोदी बोले, वैश्विक चुनौतियों के लिए भी समाधान प्रदान करता है भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम

इंडिया एक्सपो मार्ट (India Expo Mart) में सेमीकॉन इंडिया 2024 प्रदर्शनी में ग्रेटर नोएडा में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम न केवल भारत की चुनौतियों के लिए बल्कि वैश्विक चुनौतियों के लिए भी समाधान प्रदान करता है। मोदी ने कहा कि कहा कि आज भारत का मंत्र है- भारत में उत्पादित चिप्स की संख्या बढ़ाएं इसलिए हमने सेमीकंडक्टर विनिर्माण को आगे बढ़ाने के लिए बहुत सारे कदम उठाए हैं। भारत में सेमीकंडक्टर विनिर्माण सुविधा लगाने के लिए 50 प्रतिशत समर्थन भारत सरकार दे रही है। इसमें राज्य सरकारें भी अपने स्तर पर और मदद कर रही हैं। भारत की नीतियों के कारण ही बहुत कम समय में 1.5 ट्रिलियन रुपये से ज्यादा का निवेश इस क्षेत्र में भारत में हो चुका है।
कहा, दुनिया को भरोसा देता है भारत
भारत के डिजाइनर के टैलेंट को तो आप भली भांति जानते हैं। डिजाइनिंग की दुनिया में 20 प्रतिशत टैलेंट का योगदान भारत करता है। इसका निरंतर विस्तार हो रहा है। हम 85 हजार टेक्नीशियन, इंजीनियर्स और अनुसंधान एवं विकास विशेषज्ञ की सेमीकंडक्टर वर्क फोर्स तैयार कर रहे हैं। भारत का फोकस अपने छात्र और प्रोफेशनल्स को सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री रेडी बनाने पर है। भारत दुनिया का आठवां देश है जहां ग्लोबल सेमीकंडक्टर से जुड़ा ये भव्य आयोजन हो रहा है और मैं कह सकता हूं कि यह भारत में रहने का सही समय है। आप सही समय पर सही जगह पर हैं। आज भारत दुनिया को भरोसा देता है।
योगी ने कही ये बात
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीएम मोदी के मार्ग दर्शन और दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने आईटी सेक्टर, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण पर विशेष ध्यान देने और इस दिशा में कुछ नए प्रयास हो सके ये कार्य प्रारंभ किया। पिछले कुछ वर्षों के दौरान जो प्रयास यूपी में प्रारंभ हुए आज उसका परिणाम है कि देश की मोबाइल विनिर्माण के 55 प्रतिशत का मोबाइल कंपोनेंट के 50 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में हो रहा है।
भारत स्वच्छ और हरित ग्रह बनाने के लिए प्रतिबद्धः मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत स्वच्छ और हरित ग्रह बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम हरित ऊर्जा पर अपनी पेरिस प्रतिबद्धताओं को पूरा करने वाले G20 देशों में से पहले थे। ये प्रतिबद्धताएं 2030 के लक्ष्य से 9 साल पहले ही पूरी कर ली गईं। पिछले 10 वर्षों में भारत की स्थापित गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता में लगभग 300% की वृद्धि हुई है। पिछले 10 वर्षों में भारत की सौर ऊर्जा क्षमता 3,000% से अधिक बढ़ी है। लेकिन हम ऐसी उपलब्धियों पर आराम नहीं कर रहे हैं। हम मौजूदा समाधानों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हम नए और नवोन्वेषी क्षेत्रों पर भी विचार कर रहे हैं। यहीं पर हरित हाइड्रोजन तस्वीर में आती है।
हर बार हमने प्रतिकूलताओं पर विजय प्राप्त की
मुझे विश्वास है कि यह सम्मेलन बेहतरी के लिए कई विचारों के आदान-प्रदान में मदद करेगा। अतीत में मानवता को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। हर बार हमने सामूहिक और नवीन समाधानों के माध्यम से प्रतिकूलताओं पर विजय प्राप्त की। सामूहिक और नवोन्वेषी कार्यों की इसी भावना के साथ हम एक स्थायी भविष्य की ओर आगे बढ़ेंगे। हरित हाइड्रोजन विश्व के ऊर्जा परिदृश्य में एक आशाजनक वृद्धि के रूप में उभर रहा है। यह उन उद्योगों को डीकार्बोनाइजिंग करने में मदद कर सकता है, जिन्हें विद्युतीकृत करना मुश्किल है।
स्वामी विवेकानंद के भाषण के शब्द आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करते हैं: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिकागो में स्वामी विवेकानंद की ओर से 1893 में दिए गए उत्कृष्ट भाषण को बुधवार को याद किया और कहा कि उनके शब्द आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करते हैं और एकजुटता व सद्भाव की शक्ति की याद दिलाते हैं। स्वामी विवेकानंद ने 1893 में विश्व धर्म संसद में भाषण दिया था और यह भारत के प्राचीन मूल्यों और सांस्कृतिक लोकाचार के प्रतिपादन के लिए प्रसिद्ध है।
शुक्रिया श्रीजेश, प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा श्रीजेश को पत्र
हॉकी को अलविदा कह चुके महान गोलकीपर पी आर श्रीजेश ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिला पत्र सोशल मीडिया पर साझा किया है, जिसमें प्रधानमंत्री ने खेल में उनके योगदान की सराहना करते हुए विश्वास जताया है कि वह नए राष्ट्रीय जूनियर कोच के रूप में भी उतने ही प्रभावी होंगे। टोक्यो ओलंपिक के बाद पेरिस में कांस्य जीतने के बाद श्रीजेश ने हॉकी से विदा ली। (एजेंसियां)



